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गणेश जयंती के उपाय

Ganesh Jayanti Upay: गणेश जयंती के दिन जरूर आजमाएं ये उपाय, विघ्नहर्ता गणेश का मिलेगा आशीर्वाद 


प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जयंती मनाई जाती है। इसे विनायक जयंती अथवा वरद जयंती के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी का प्राकट्य हुआ था। इस कारण इसे गणेश जयंती के रूप में मनाते हैं। इस दिन गणपति पूजा से हर तरह की परेशानी से निजात मिल जाता है। साथ ही सुख-समृद्धि की आती है। तो आइए, इस आर्टिकल में गणेश जयंती के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार पूर्वक जानते हैं।  


सौभाग्य और सकारात्मकता हेतु करें यह उपाय


जीवन में उन्नति और सौभाग्य प्राप्ति के लिए गणेश जयंती के दिन कुम्हार के चाक से थोड़ी से मिट्टी लें और अंगूठे बराबर भगवान गणेश की मूर्ति बना लें। इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर विधि पूर्वक पूजा-अर्चना करें और 'ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं' मंत्र का 108 बार जप करें। यह आप लगातार अनंत चतुर्दशी यानी 10 दिन तक करते रहें। ऐसा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और सकारात्मक शक्ति आसपास बनी रहती है।


इस उपाय से मिलेगी धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति 


आर्थिक समस्याओं से परेशान हैं तो गणेश जयंती के दिन 22 दूर्वा को एक साथ जोड़ लें और 11 जोड़े तैयार कर लें। ध्यान रहे कि एक गांठ दो दूर्वा से बनती है। इसके बाद 11 गांठों को भगवान गणेश के माथे से छूकर चरणों में अर्पित कर दें। इसके बाद गंध, फूल, दीप, धूप आदि चीजें अर्पित कर दें। इस प्रक्रिया को आप अनंत चतुर्दशी तक करते रहें। ऐसा करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और धन संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है।


उन्नति के द्वार खोलेगी यह उपाय 


नौकरी व व्यवसाय में उन्नति के लिए गणेश जयंती के दिन घर में पीले रंग की गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजन करें। गणेश पूजन में हल्दी की पांच गांठ चढ़ाएं और फिर 'श्री गणाधिपतये नम:' मंत्र का जप करें। इसके बाद 108 दूर्वा पर गीली हल्दी लगाकर हर दूर्वा को चढ़ाते समय 'श्री गजवक्त्रं नमो नम:' मंत्र का मन ही मन जप करते रहें। ऐसा करने से उन्नति के द्वार खुलते हैं और सफलता में आ रही अड़चन भी समाप्त  हो जाती है।


इस उपाय से दूर होगी विवाह में आ रही बाधा 


बेटी के विवाह में अड़चन आ रही है कि गणेश जयंती पर विवाह की कामना करते हुए भगवान गणेश को मालपुए का भोग लगाएं और पूरा परिवार एक साथ प्रार्थना करें। अगर बेटे के विवाह में अड़चन आ रही है तो पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। ऐसा करने से गणेशजी की कृपा से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं और अड़चन दूर होती हैं।


दान करने से दूर होगी कर्ज की  समस्या 


धन संबंधित समस्या से मुक्ति के लिए गणेश जयंती के दिन भगवान गणेश के पूजन में घी और गुड़ का भोग लगाएं। इसके बाद गणेश अर्थवशीर्ष का पाठ करें। पूजन करने के बाद घी और गुड़ गाय को खिला दें और फिर इच्छानुसार गरीब व जरूरतमंद को दान करें। ऐसा करने से कर्ज की समस्या खत्म होती है और धन के मार्ग प्रशस्त होते हैं। यह किस्मत बदलने का अचूक उपाय है। 


गुप्त नवरात्रि कथा

2025 में उदयातिथि के अनुसार, 30 जनवरी 2025 को माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी और 7 फरवरी 2025 को गुप्त नवरात्रि का समापन होगा। ऐसे में माघ गुप्त नवरात्र की शुरुआत 30 जनवरी से होगी।

प्रदोष व्रत चालीसा

हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्रदोष व्रत कन्याओं के लिए बेहद खास होता है, इस दिन भोलेनाथ की उपासना करने और व्रत रखने से मनचाहा वर पाने की कामना पूरी होती हैं।

झूलेलाल जयंती क्यों और कैसे मनाए

झूलेलाल जयंती, जिसे चेटीचंड के नाम से भी जाना जाता है, सिंधी समुदाय के लिए एक पवित्र और महत्वपूर्ण दिन होता है। यह पर्व चैत्र शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है, जो हिंदू नववर्ष के प्रारंभिक दिनों में आता है।

तू प्यार का सागर है: भजन (Tu Pyar Ka Sagar Hai)

तू प्यार का सागर है,
तेरी एक बूँद के प्यासे हम ।

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