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मेरी लगी शंभू से प्रीत, ये दुनिया क्या जाने(Meri Lagi Shambhu Se Preet Ye Duniya Kya Jane)

मेरी लगी शंभू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने,

मुझे मिल गया मन का मीत,

ये दुनिया क्या जाने,

क्या जाने क्या जाने,

मेरी लगी शम्भू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने ॥


मां गौरा की सुनो कहानी,

जो है सदाशिव की पटरानी,

तज सती देह उमां कल्याणी,

हिमगिरी के घर जन्मी भवानी,

मैना की हरी सब पीर,

ये दुनिया क्या जाने,

मेरी लगी शम्भू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने ॥


अखियां शिव दर्शन की प्यासी,

मन में है दिन रेन उदासी,

मात-पिता से आज्ञा मांगी,

तप के हेतु हुई बनवासी,

लागी शिव चरणों से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने,

मेरी लगी शम्भू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने ॥


कठिन तपस्या मां ने कीन्ही,

शिव ने उमा परीक्षा लीन्ही,

प्रीति उमा की मन में चीन्ही,

तब विवाह की आज्ञा दीन्ही,

तब हुई प्रीत की जीत,

ये दुनिया क्या जाने,

मेरी लगी शम्भू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने ॥


मेरी लगी शंभू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने,

मुझे मिल गया मन का मीत,

ये दुनिया क्या जाने,

क्या जाने क्या जाने,

मेरी लगी शम्भू से प्रीत,

ये दुनिया क्या जाने ॥

होलाष्टक पर भूलकर भी ना करें ये गलती

होलाष्टक की तिथि शुभ कार्य के लिए उचित नहीं मानी जाती है, इन तिथियों के अनुसार इस समय कुछ कार्य करने से सख्त मनाही होती है। क्योंकि इन्हीं दिनों में भक्त प्रह्लाद पर उनके पिता हिरण्यकश्यप ने बहुत अत्याचार किया था।

मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा (Mere Ghar Aaya Raja Ram Ji Ka Pyara)

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,
मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा,

राम नाम का जादू, दुनिया पे छा रहा है(Ram Naam Ka Jaadu Duniya Pe Cha Raha Hai)

राम नाम का जादू,
श्रीराम नाम का जादू,

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है (Tere Darbar Mein Maiya Khushi Milti Hai)

तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे,
मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे ॥

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