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उज्जैन में विराजे, महाकाल प्यारे प्यारे (Ujjain Mein Viraje Mahakal Pyaare Pyaare)

उज्जैन में विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे,

महाकाल प्यारे प्यारे,

महाकाल डमरू वाले,

क्ष्रिप्रा तट विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे,

उज्जैन मे विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे ॥


महाकाल की महफ़िल सजी है,

डमरू वाले की महफ़िल सजी है,

महाकाल की महफ़िल सजी है,

उज्जैन मे विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे ॥


शिव की रहमत का झूमर सजा है,

हमको महसूस ये हो रहा है,

शिव की रहमत का झूमर सजा है,

उज्जैन मे विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे ॥


तुम तो कालों के काल हो बाबा,

तेरे नाम से मिट जाए बाधा,

तुम तो कालों के काल हो बाबा,

उज्जैन मे विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे ॥


उज्जैन में विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे,

महाकाल प्यारे प्यारे,

महाकाल डमरू वाले,

क्ष्रिप्रा तट विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे,

उज्जैन मे विराजे,

महाकाल प्यारे प्यारे ॥

राम नाम को रटने वाले जरा सामने आओ(Ram Naam Ko Ratne Wale Jara Samne Aao)

राम नाम को रटने वाले
जरा सामने आओ तुम,

लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया(Lau Kaha Se Bhole Nath Teri Bhangiya)

लाऊँ कहाँ से,
भोलेनाथ तेरी भंगिया,

मगन ईश्वर की भक्ति में (Magan Ishwar Ki Bhakti Me Are Mann Kiyon Nahin Hota)

मगन ईश्वर की भक्ति में,
अरे मन क्यों नहीं होता।

रूक्मिणी-श्रीकृष्ण के विवाह से जुड़ी कथा

पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रुक्मिणी अष्टमी के पर्व के रूप में मनाया जाता है, जो इस साल 22 दिसंबर को पड़ रही है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की पहली पत्नी देवी रुक्मिणी के जन्म की याद में मनाया जाता है।

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