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चंद्रदर्शन कब करें

चंद्रमा की पूजा से मिलता है मानसिक संतुलन, जानें कब करें चंद्रदर्शन 


हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन को अत्यंत पवित्र और लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा मन के संचालन का कारक होता है। चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव की पूजा करने से मन को शांति, जीवन में समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिष के अनुसार कमजोर चंद्रमा वाले जातकों को विशेष रूप से इस दिन व्रत और पूजा करनी चाहिए। इस वर्ष मार्गशीर्ष माह का चंद्र दर्शन 3 दिसंबर 2024 मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने और चंद्र देव को प्रसन्न करने से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है।


चंद्र दर्शन कब और किस समय होगा?


चंद्र दर्शन मार्गशीर्ष मास में 3 दिसंबर 2024, मंगलवार को मनाया जाएगा।


शुभ मुहूर्त


  • समय: शाम 05:08 से 06:42 तक।
  • कुल अवधि: 1 घंटा 34 मिनट। 


बता दें कि इस दौरान चंद्रमा के दर्शन करना और पूजा-अर्चना करना शुभ और फलदायी माना जाता है।


चंद्र दर्शन का महत्व


चंद्रमा हिंदू धर्म में 'नवग्रहों' में से एक है और इसे मन का स्वामी माना गया है। यह व्यक्ति के मन, भावनाओं और मानसिक शांति को प्रभावित करता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, चंद्रमा की पूजा करने से मानसिक संतुलन, शीतलता और समृद्धि मिलती है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जिन व्यक्तियों का चंद्रमा कमजोर होता है उन्हें चंद्र दर्शन के दिन व्रत और पूजा जरूर करनी चाहिए। इससे चंद्रमा के दोष शांत होते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। माना जाता है कि चंद्र देव का आशीर्वाद प्राप्त करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सफलता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।


क्या है पूजा की विधि?


चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव की पूजा विशेष विधि से की जाती है। यह पूजा चंद्रमा की कृपा और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है। पूजा की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है। 

1. सुबह की तैयारी: सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें। चंद्र देव का स्मरण करते हुए अपने घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

2. पूजा का आयोजन: पूजा के दौरान चंद्र दर्शन की व्रत कथा का पाठ करें पूरे दिन फलाहार करें और शाम तक व्रत रखें।

3. शाम की पूजा: चंद्र दर्शन के समय चंद्र देव को अर्घ्य दें। पूजा में फूल, दीप, नैवेद्य, रोली और अक्षत अर्पित करें। चंद्र देव को खीर का प्रसाद चढ़ाएं।

4. मंत्र जाप: चंद्र देव की पूजा करते समय यह मंत्र जाप करें: “ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि, तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्।”

5. दान का महत्व: चंद्र दर्शन के बाद ब्राह्मणों को दान करें। यह दान कपड़े, चावल, चीनी और अन्य खाद्य सामग्री का हो सकता है। दान के बिना व्रत संपूर्ण नहीं माना जाता।


चंद्र दर्शन के दिन क्या करें?


चंद्र दर्शन के दिन कुछ विशेष कार्य करना लाभकारी माना गया है।

1. ब्राह्मणों को दान: कपड़े, चावल, चीनी, और भोजन का दान करें।

2. व्रत का पारण: चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद ही व्रत का पारण करें।

3. जल अर्पण: जल में अपनी छाया देखकर चंद्र देव को जल चढ़ाएं। यह मानसिक विकारों से मुक्ति और मन की शांति में सहायक होता है।

4. माता की सेहत के लिए: यदि आपकी माता का स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो चंद्र देव को शतावरी की जड़ अर्पित करें।

5. सौभाग्य प्राप्त करने के लिए: चंद्र देव को चांदी का सिक्का अर्पित करें और उसे अपनी तिजोरी में रखें।


चंद्र दर्शन के दिन क्या ना करें?


इस दिन किसी के साथ कटु वचन बोलने या झगड़ा करने से बचें।

भोजन या जल का त्याग व्रत के दौरान ही करें, लेकिन आवश्यकता से अधिक कठोर तपस्या ना करें।

चंद्रमा के दर्शन के बिना व्रत का पारण नहीं करें। चंद्र दर्शन हिंदू धर्म में अद्वितीय महत्व रखता है। 


शांति देता है चंद्र पूजन


यह दिन धार्मिक, मानसिक और भावनात्मक शांति के लिए भी महत्वपूर्ण है। 3 दिसंबर 2024 को चंद्र दर्शन के पवित्र अवसर पर चंद्र देव की विधिपूर्वक पूजा से उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। उनकी पूजा से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन का पूरा लाभ उठाने के लिए व्रत, पूजा, और दान अवश्य करना चाहिए। 


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