नवीनतम लेख

मौनी अमावस्या नियम

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन क्या करें और क्या नहीं, जानें सही नियम


सनातन धर्म में मौनी अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन स्नान और दान की पंरपरा सदियों से चली आ रही है। मौनी अमावस्या के दिन पितृ धरती पर आते हैं। अमावस्या के दिन भूलकर भी कुछ काम नहीं करना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं। 

मौनी अमावस्या के दिन क्या करें


  • मौनी अमावस्या पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। 
  • इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और  मां गंगा की भी पूजा करें। 
  • इस दिन भगवान सूर्यदेव को पूजा भी जरूर करें। 
  • इस दिन मौन व्रत रखें, कहा जाता है कि इस दिन मौन व्रत रखना बड़ा लाभकारी माना जाता है। 
  • इस दिन शाम के समय तुलसी के समाने घी का दीपक अवश्य जलाएं। 
  • इस दिन ‘ओम पृत देवताए नम:’ का जाप करना चाहिए।  ऐसा करने से पृत आशीर्वाद देते हैं। 
  • इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए। 
  • मौनी अमावस्या के दिन गरीब और जरूरतमंदों को अन्न-धन, वस्त्र, चावल और तिल का दान करें। 


मौनी अमावस्या पर क्या न करें


  • अशुभ समय में या बिना स्नान किए दीपक न जलाएं।
  • अमावस्या की रात को घर में अंधेरा न रखें।
  • मौनी अमावस्या के दिन भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन न करें। इस दिन मांस-मछली और मदिरा से दूरी बनाकर रखें। 
  • अमावस्या के दिन गलती से भी अपने पूर्वजों के लिए कुछ बुरा न बोलें। 
  • अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य करना गलती से भी न भूलें।
  • मौनी अमावस्या के दिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

मने अच्छा लागे से(Manne Acha Laage Se)

सिया राम जी के चरणों के दास बाला जी,
भक्तों के रहते सदा पास बाला जी,

प्रभू तेरो नाम (Prabhu Tero Naam)

प्रभू तेरो नाम, जो ध्याए फल पाए
सुख लाए तेरो नाम

चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या

चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह दिन नकारात्मक ऊर्जा, आत्माओं और मृत पूर्वजों से जुड़ा हुआ है।

मरना है तो एक बार मरो (Marna Hai Too Ek Bar Maro)

मरना है तो एक बार मरो,
फिर चौरासी में पड़ना क्या,