नवीनतम लेख

स्कंद षष्ठी पर क्या भोग लगाएं

February Skanda Sashti 2025: स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को लगाएं इन चीजों का भोग, दरिद्रता से मिल सकता है छुटकारा


स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान शिव के बड़े पुत्र, भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिवत पूजा करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है। भगवान स्कंद, शिव और पार्वती के पुत्र माने जाते हैं और उन्हें "देवताओं के सेनापति" के रूप में पूजा जाता है क्योंकि उन्होंने दैत्यों से देवताओं की रक्षा की थी। इस दिन विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय को भोग अर्पित करने का महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि स्कंद षष्ठी पर भगवान को किन चीजों का भोग लगाना शुभ होता है…


1. स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को चढ़ाएं शहद


स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को शहद चढ़ाने से धन-संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। यह मान्यता है कि शहद चढ़ाने से प्रेम जीवन भी मधुर बना रहता है। शहद को तांबे के पात्र में चढ़ाने से सौभाग्य की वृद्धि होती है।


2. भगवान कार्तिकेय को लगाएं श्रीखंड का भोग


भगवान कार्तिकेय को श्रीखंड अत्यंत प्रिय है। इसे शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि श्रीखंड का भोग लगाने से भगवान प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।


3. केसर लड्डू का भोग लगाएं


केसर शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। इसे भगवान को अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से शक्ति, विजय और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इसलिए स्कंद षष्ठी के दिन केसर लड्डू का भोग अर्पित करना शुभ फलदायी माना जाता है।


4. पंचमेवा का भोग लगाएं


पंचमेवा में मखाना, काजू, किशमिश, बादाम और खजूर शामिल होते हैं। मान्यता है कि पंचमेवा का भोग लगाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती है।


प्रबल प्रेम के पाले पड़ के (Prem Ke Pale Prabhu Ko Niyam Badalte Dekha)

प्रबल प्रेम के पाले पड़ के,
प्रभु का नियम बदलते देखा ।

दर्श अमावस्या पूजा विधि

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या का विशेष महत्व है, जो पितरों की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए समर्पित मानी जाती है। इस दिन पितरों की पूजा करना, तर्पण देना और धूप देना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक(Radhe Krishna Ki Jyoti Alokik)

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक,
तीनों लोक में छाये रही है ।

माँगा है भोलेनाथ से, वरदान एक ही(Manga Hai Bholenath Se Vardan Ek Hi)

माँगा है भोलेनाथ से,
वरदान एक ही,