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शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र (Shiv Panchakshar Stotram )

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥


नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,


भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।


नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,


तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥




मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,


नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय ।


मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय,


तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥




शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द,


सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।


श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय,


तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥




वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य,


मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।


चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय,


तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥




यक्षस्वरूपाय जटाधराय,


पिनाकहस्ताय सनातनाय ।


दिव्याय देवाय दिगम्बराय,


तस्मै य काराय नमः शिवाय ॥५॥




पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।


शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥

श्री नृसिंह द्वादशनाम स्तोत्रम्

नरसिंह द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के सिंह अवतार की पूजा की जाती है। पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए नरसिंह रूप में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था।

पुत्रदा एकादशी 2025

पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा या वैकुंठ एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पुत्र या संतान प्राप्ति के लिए उपाय करने से सफलता मिलती है। मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है (Hanuman Teri Kirpa Ka Bhandara Chal Raha Hai)

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है,
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कृपा मिलेगी श्री राम जी की(Kirpa Milegi Shri Ramji Ki)

किरपा मिलेगी श्री राम जी की,
भक्ति करो, भक्ति करो,