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दिल की कुटिया, में मेरी आ जाओ(Dil Ki Kutiya Mein Meri Aa Jao)

श्याम दर्शन,

जरा दिखा जाओ,

दिल की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


मैंने कुटिया बहुत सजाई है,

मैंने कुटिया बहुत सजाई है,

खुशबु अपनी जरा लुटा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


खातरी तेरी सांवरे होगी,

खातरी तेरी सांवरे होगी,

भाव दिल के जरा जगा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


कुछ कहेंगे तो कुछ सुनेंगे तेरी,

कुछ कहेंगे तो कुछ सुनेंगे तेरी,

हमको मदहोश तो बना जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


दील की कुटिया में कुछ कमी तो नहीं,

दील की कुटिया में कुछ कमी तो नहीं,

गर कमी है कमी पूरा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


दील की कुटिया करीब है तेरे,

दील की कुटिया करीब है तेरे,

तुम जरा सा करीब आ जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


‘नंदू’ हर हाल में तुम्हे चाहे,

‘नंदू’ हर हाल में तुम्हे चाहे,

प्रेम ऐसा प्रभु जगा जाओ,

दील की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥


श्याम दर्शन,

जरा दिखा जाओ,

दिल की कुटिया,

में मेरी आ जाओ ॥

राम कहानी सुनो रे राम कहानी (Ram Kahani Suno Re Ram Kanahi)

राम कहानी सुनो रे राम कहानी ।
कहत सुनत आवे आँखों में पानी ।

कब है माघ पूर्णिमा व्रत

सनातन हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भक्त भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। जिससे उनका जीवन खुशहाल होता है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए व्रत भी किया जाता है।

श्री पितर चालीसा (Shri Pitar Chalisa)

है पित्तरेर आपको दे दियो आशीर्वाद, चरणाशीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ।

श्री तुलसी चालीसा (Shri Tulsi Chalisa)

श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय ।
जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय ।।

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