नवीनतम लेख

ये बाबा बहुत बड़ा हैं (Ye Baba Bahut Bada Hai)

हर भक्तों के दिल से निकले,

एक यही आवाज़,

ये बाबा बहुत बड़ा है,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥


बाबा की शक्ति ने देखों,

कैसा खेल रचाया,

बाबा की मस्ती ने हर एक,

दिल को दीवाना बनाया,

ब्रह्मा के वेदों से निकलें,

एक यही आवाज़,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥


ये सरकार अगर चाहे तो,

कुछ भी करके दिखा दे,

उठा सड़क से एक भिखारी,

राजा उसे बना दे,

नारद की वीणा से निकले,

एक यही आवाज़,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥


इंसा चाहे कुछ भी करले,

इनसे छुपा नहीं है,

‘बनवारी’ गर ये ना चाहे,

कुछ भी हुआ नहीं है,

शंकर के डमरू से निकले,

एक यही आवाज़,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥


हर भक्तों के दिल से निकले,

एक यही आवाज़,

ये बाबा बहुत बड़ा है,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो (Maiya Mori Mai Nahi Makhan Khayo)

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो ।

महातारा जयंती की कथा

हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का विशेष स्थान है, जिनमें से एक देवी महातारा हैं। उन्हें शक्ति, ज्ञान और विनाश की देवी माना जाता है। देवी महातारा का स्वरूप गहरे नीले रंग का होता है, उनकी चार भुजाएं होती हैं और वे त्रिनेत्री हैं।

वराह जयंती (Varaha Jayanti)

जब हिरण्याक्ष का वध करने ब्रह्मदेव की नाक से निकले भगवान वराह, जानिए क्यों मनाई जाती है वराह जयंती

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे(Dimik Dimik Damru Kar Baje)

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे,
प्रेम मगन नाचे भोला, भोला,

यह भी जाने