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मासिक शिवरात्रि राशिफल

Masik Shivratri 2024: मासिक शिवरात्रि पर चमकेगी इन 3 राशियों किस्मत, जानें राशिफल   


साल की आखिरी मासिक शिवरात्रि के दिन का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान शिव और मांं पार्वती की पूजा होती है। इस दिन व्रत भी रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त इस दिन भगवान शिव की उपासना और व्रत करता है उस पर भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। साथ ही उन्हें मनचाहा फल प्रदान करते हैं। वहीं ज्योतिष के अनुसार इस बार पौष महीने में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि तीन राशि के जातकों के लिए बेहद ही लाभकारी साबित होने वाली हैं। तो आइए इस आलेख में जानते हैं कि वे कौन सी राशियां हैं। 


किन राशियों का बदलने वाला है भाग्य? 


मिथुन राशि:- मिथुन राशि के जातकों के लिए साल 2024 की आखिरी मासिक शिवरात्रि का दिन बहुत मंगलकारी होगा। इस दिन मिथुन राशि के जातकों को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होगी। ये दिन मिथुन राशि वालों के लिए मकान या वाहन में निवेश के लिहाज से भी अच्छा रहेगा।


सिंह राशि:- इस मासिक शिवरात्रि पर सिंह राशि के जातक भी लाभ प्राप्त करेंगे। सिंह राशि के जातकों को व्यापार में लाभ होगा। सिंह राशि वालों का कारोबार में भी तेजी आ सकती है। इसके अलावा सिंह राशि वालों को खोई मोहब्बत भी फिर से मिल सकती है।


मकर राशि:- मकर राशि वाले मासिक शिवरात्रि पर पैसों से जुड़ा लाभ यानी धान लाभ प्राप्त करेंगे। मकर राशी के जातकों के धन और वैभव में बढ़ोतरी के योग हैं। साथ ही उन्हें आय के नए रास्ते भी मिलेंगे। ऐसे में इस दिन मकर राशि के जातक भोलेनाथ को गंगाजल में कला तिल मिलाकर उनका अभिषेक करें।


कब है मासिक शिवरात्रि?


हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष महीने में मासिक शिवरात्रि की तिथि 29 दिसंबर को देर रात्रि 3 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी। वहीं अगले दिन 30 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर इस तिथि का समापन हो जाएगा। इस तरह 29 दिसंबर को मासिक शिवरात्रि मनाई जाने वाली है। इस बार की मासिक शिवरात्रि दुर्लभ है। ज्योतिष के अनुसार, इस मासिक शिवरात्रि पर तीन राशियों की किस्मत बदल सकती है। आइए जानते हैं वो कौन सी राशियां हैं।


रवि प्रदोष व्रत के उपाय

हिंदू धर्म में, प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, फरवरी माह का पहला प्रदोष व्रत 9 फरवरी को मनाया जाएगा। सप्ताह के सातों दिनों में से जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है उसी के नाम पर उस प्रदोष का नाम रखा जाता है।

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