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पकड़ लो हाथ बनवारी (Pakad Lo Hath Banwari)

पकड़ लो हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे,

हमारा कुछ ना बिगड़ेगा,

तुम्हारी लाज जाएगी,

पकड़ लों हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे ॥


धरी है पाप की गठरी,

हमारे सर पे ये भारी,

वजन पापो का है भारी,

इसे कैसे उठाऐंगे,

पकड़ लों हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे ॥


तुम्हारे ही भरोसे पर,

जमाना छोड़ बैठे है,

जमाने की तरफ देखो,

इसे कैसे निभाएंगे,

पकड़ लों हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे ॥


दर्दे दिल की कहे किससे,

सहारा ना कोई देगा,

सुनोगे आप ही मोहन,

और किसको सुनाऐंगे,

पकड़ लों हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे ॥


फसी है भवँर में नैया,

प्रभु अब डूब जाएगी,

खिवैया आप बन जाओ,

तो बेड़ा पार हो जाये,

पकड़ लों हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे ॥


पकड़ लो हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे,

हमारा कुछ ना बिगड़ेगा,

तुम्हारी लाज जाएगी,

पकड़ लों हाथ बनवारी,

नहीं तो डूब जाएंगे ॥

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मासिक कृष्ण जन्माष्टमी धार्मिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भगवान कृष्ण की अद्भुत लीलाओं और शिक्षाओं को स्मरण करने का दिवस माना जाता है।