रमा एकादशी व्रत की पूजा विधि (Rama Ekadashi Vrat Puja Vidhi)

>>सुबह जल्दी स्नान करें, घर के मंदिर में नया घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें और गंगाजल से भगवन को स्नान करवाएं। 

 

>> इसके बाद भगवान विष्णु को पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप, और चंदन अदि से भगवान का पूजन करें।  


>> भगवान विष्णु को भोग लगाएं। भोग में तुलसी अवश्य रखें। साथ ही भगवान को भेट भी अर्पण करें। भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है।

  

>> पूजा के दौरान भगवान विष्णु के विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत्र का पाठ करें। रमा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें।   


>> इसके बाद भगवान कि आरती करें।  ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान देकर आशीर्वाद लें।  


>> संध्या काल में भगवान विष्णु की विशेष पूजा करें। अगले दिन किसी नजदीकी मंदिर में दान-दक्षिणा दें।  


रमा एकादशी की ये व्रत करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती हैं । 


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मन की मुरादें, पूरी कर माँ(Mann Mi Muraden Poori Kar Maa)

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

रामनवमी पर रामलला की पूजा विधि

देशभर में रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसलिए, राम भक्त पूरे साल इस दिन का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।

श्री शनिवार व्रत कथा

एक समय समस्त प्राणियों का हित चाहने वाले मुनियों ने नैमिषारण्य बन में एक सभा की उस समय व्यास जी के शिष्य सूत जी शिष्यों के साथ श्रीहरि का स्मरण करते हुए वहाँ पर आये।

साल का पहला चंद्र ग्रहण कब लगेगा

चंद्र ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

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