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अब ना बानी तो फिर ना बनेगी (Ab Naa Banegi Too Phir Na Banegi)

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


हीरा सा जनम क्यों विरथा गवायों

ना सत्संग कियो हरी गुण गायो

जननी तेरी तुझे फिर ना जनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


अब ना बानी तो,

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


तेरी जवानी भरम भुलानी

गुरु पितु मात की बात मानी

नैया कहो कैसे पार लगेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


अब ना बानी तो,

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


ओ प्राणी तेरी माटी

धरणी गिरत है पतंग ज्यो काटी

माटी में माटी मिल रहेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


अब ना बानी तो,

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता


अब ना बानी तो फिर ना बनेगी

नर तन बार बार नहीं मिलता

नर तन बार बार नहीं मिलता

नर तन बार बार नहीं मिलता

नमामि-नमामि अवध के दुलारे(Namami Namami Awadh Ke Dulare)

नमामि-नमामि अवध के दुलारे ।
खड़ा हाथ बांधे मैं दर पर तुम्हारे ॥

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी (Pooch Rahi Radha Batao Girdhari)

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,
मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।

चैत कृष्ण पापमोचनी एकादशी (Chait Krishna Papamochani Ekadashi)

इतनी कथा सुनकर महाराज युधिष्ठिर बोले हे भगवन् ! आपके श्रीमुख से इन पवित्र कथाओं को सुन मैं कृतकृत्य हो गया।

माखन खा गयो माखनचोर(Makhan Kha Gayo Makhan Chor)

नटखट नटखट नंदकिशोर,
माखन खा गयो माखनचोर,