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भस्मी लगाएं बाबा, उज्जैन के वो राजा (Bhasmi Lagaye Baba Ujjain Ke Vo Raja)

कालो के काल है,

मृत्यु के है वो राजा,

भस्मी लगाएं बाबा,

उज्जैन के वो राजा ॥


दीदार करना चाहूं,

दर्शन को प्यासी अखियां,

चरणों में रहना चाहूं,

बस दिल की एक आशा,

उज्जैन में भी आऊ,

दर्शन भी करना चाहूं,

महाकाल की वो महिमा,

सबको सुनाना चाहूं ॥


मेरे दिल की एक आशा,

तेरे दर पे मरना चाहूं,

मरने के बाद भोले,

भस्मी तुम्हें लगाऊं,

उज्जैन में भी आऊ,

दर्शन भी करना चाहूं,

महाकाल की वो महिमा,

सबको सुनाना चाहूं ॥


महाकाल तुमको प्यारी,

वह भस्म आरती है,

मुर्दे की राख से ही,

वह होती आरती है,

‘सत्यम’ को वर दे बाबा,

बस दिल से तुझको चाहूँ,

महाकाल भस्म आरती,

मैं भी तो करना चाहूँ ॥


कालो के काल है,

मृत्यु के है वो राजा,

भस्मी लगाएं बाबा,

उज्जैन के वो राजा ॥

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये: भजन (Ambe Kaha Jaye Jagdambe Kaha Jaye)

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बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा जाये ॥

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फूल भी न माँगती,
हार भी न माँगती,

झूला पड्यो है कदम्ब की डार (Jhula Padyo Hai Kadamb Ki Daar)

झूला पड्यो है कदम्ब की डार,
झुलावे ब्रज नारी,

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान कब करें

धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने और उचित दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

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