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झुमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे(Jhumar Jhalke Amba Na Gora Gaal Pe Re)

झूमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे,

गोरा गाल पे रे,

लम्बा बाल पे रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

कुम्हारा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

दीवड़ा लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

सोनीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

झांझरिया लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

जोशीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

चुंदड़ी लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

मालीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

गजरा लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

ढोलीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

ढोल वगाडजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

वणजारा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

चुड़ला लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


झूमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे,

गोरा गाल पे रे,

लम्बा बाल पे रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥

नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे(Nandrani Kanhaiya Jabar Bhayo Re)

नंदरानी कन्हयो जबर भयो रे,
मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे ॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाला (Yashomati Maiyya Se Bole Nandlala)

यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ॥

कब है जया एकादशी?

सनातन धर्म में एक साल में कुल 24 एकादशी आती है। इनमें से माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी मनाई जाती है। सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होता है।

मुरली बजा के मोहना (Murli Bajake Mohana Kyon Karliya Kinara)

मुरली बजा के मोहना, क्यों कर लिया किनारा।
अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा॥

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