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तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे (Tumko Tumhare Bete Pukare)

तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे,

आ जाओ मैया घर में हमारे ॥


बेटे तुम्हारे लाखों है मैया,

किसी का महल है,

किसी की है कुटिया,

तुम्हे एक जैसे,

लगते है सारे,

आ जाओ मैया घर में हमारे ॥


ना हिरे ना मोती ना,

जवाहरात है माँ,

ना ही अमीरों की,

यहाँ ठाठ है माँ,

मगर तेरा मंदिर है,

दिल में हमारे,

आ जाओ मैया घर में हमारे ॥


दिन रात तेरी,

सेवा करेंगे,

बिठाकर के पलकों में,

तुमको रखेंगे,

‘सोनू’ तुम्हारी बाट निहारें,

आ जाओ मैया घर में हमारे ॥


तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे,

आ जाओ मैया घर में हमारे ॥

खरमास में शादी-विवाह क्यों रहते हैं बंद

15 दिसंबर से खरमास शुरू होने वाला है। इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी मांगलिक कार्य जैसे:- शादी-विवाह, गृह प्रवेश या फिर मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते ।

सूर्य मंत्र

ॐ सूर्याय नमः
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकरः

पापमोचनी एकादशी विष्णु पूजा विधि

पापमोचनी एकादशी व्रत पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, और इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाला व्रत माना गया है। पापमोचनी एकादशी व्रत का वर्णन स्कंद पुराण में किया गया है, जहां इस बात की चर्चा की गई है, की इस व्रत का पालन करने से मनुष्य अपने पिछले जन्मों के दोषों से भी मुक्त हो सकता है।

उत्पन्ना एकादशी के नियम

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। उत्पन्ना एकादशी की उत्पत्ति का उल्लेख प्राचीन भविष्योत्तर पुराण में मिलता है, जहां भगवान विष्णु और युधिष्ठिर के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद में इसका वर्णन किया गया है।

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