नवीनतम लेख

गोरी सुत गणराज पधारो (Gauri Sut Ganraj Padharo)

गौरी सूत गणराज पधारो,

आके सारे काज सवारों,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


सारे देवो में पहले तुझको मनाये,

तू ही दयालु सारे विघ्न हटाये,

गिरजा के प्यारे बाबा शिव के दुलारे,

दुखड़ो से आके देवा हमको उबारो,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


गोरी सुत गणराज पधारो,

आके सारे काज सवारों,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


रिद्धि सिद्धि के दाता आप कहाए,

कृपा दिखाओ दाता गुण तेरे गए,

भक्तो की नैया अब है तेरे सहारे,

अटकी कश्ती को आके पार उतारो,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


गोरी सूत गणराज पधारो,

आके सारे काज सवारों,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


मलिया गिरी चंदन का टिका लगाऊं,

लड़वन का देवा तेरे भोग लगाऊं,

‘हर्ष’ दीवाना तेरी बाट निहारे,

मेरे भी अटके सारे काज सुधारो,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


गौरी सूत गणराज पधारो,

आके सारे काज सवारों,

तुझको आना होगा,

तुझको आना होगा ॥


उत्पन्ना एकादशी के नियम

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। उत्पन्ना एकादशी की उत्पत्ति का उल्लेख प्राचीन भविष्योत्तर पुराण में मिलता है, जहां भगवान विष्णु और युधिष्ठिर के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद में इसका वर्णन किया गया है।

सोना-चांदी की पूजा विधि

हिंदू धर्म में सोने और चांदी की धातुओं का विशेष महत्व है। सदियों से ये भारतीय घरों का अभिन्न हिस्सा रही हैं। भारतीय संस्कृति में सोना-चांदी को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

बजरंग के आते आते कही भोर हो न जाये रे (Bajrang Ke Aate 2 Kahin Bhor Ho Na Jaye Re)

बजरंग के आते आते,
कही भोर हो न जाये रे,

तुम्हे वंदना तुम्हें वंदना (Tumhe Vandana Tumhe Vandana)

तुम्हे वंदना तुम्हें वंदना,
हे बुद्धि के दाता,

यह भी जाने