नवीनतम लेख

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो (Guru Bina Ghor Andhera Re Santo)

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो,

गुरु बिन घोर अँधेरा जी ।

बिना दीपक मंदरियो सुनो,

अब नहीं वास्तु का वेरा हो जी ॥


जब तक कन्या रेवे कवारी,

नहीं पुरुष का वेरा जी ।

आठो पोहर आलस में खेले,

अब खेले खेल घनेरा हो जी ॥


मिर्गे री नाभि बसे किस्तूरी,

नहीं मिर्गे को वेरा जी ।

रनी वनी में फिरे भटकतो,

अब सूंघे घास घणेरा हो जी ॥


जब तक आग रेवे पत्थर में,

नहीं पत्थर को वेरा जी ।

चकमक छोटा लागे शबद री,

अब फेके आग चोपेरा हो जी ॥


रामानंद मिलिया गुरु पूरा,

दिया शबद तत्सारा जी ।

कहत कबीर सुनो भाई संतो,

अब मिट गया भरम अँधेरा हो जी ॥

पौष पूर्णिमा 2025

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा- अर्चना करने का विधान है। इस दिन से प्रयागराज में कल्पवास शुरू किया जाता है, इस दिन व्रत, स्नान दान करने से मां लक्ष्मी और विष्णु जी बेहद प्रसन्न होते हैं।

मेरे गणराज आये है (Mere Ganaraj Aaye Hai)

वक्रतुण्ड महाकाय,
सूर्यकोटि समप्रभ:,

राम को मांग ले मेरे प्यारे (Ram Ko Maang Le Mere Pyare)

राम को मांग ले मेरे प्यारे
उम्र भर को सहारा मिलेगा

श्री हनुमान साठिका (Shri Hanuman Sathika)

जय जय जय हनुमान अडंगी ।
महावीर विक्रम बजरंगी ॥

यह भी जाने