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Heri Sakhi Mangal Gavo Ri..(हेरी सखी मंगल गावो री..)

चोख पुरावो, माटी रंगावो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे

खबर सुनाऊ जो,

खुशी ये बताऊँ जो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥


हेरी/ओरी सखी मंगल गावो री,

धरती अम्बर सजाओ री,

उतरेगी आज मेरे पिया की सवारी,

हेरी कोई काजल लाओ री,

मोहे काला टीका लगाओ री,

उनकी छब से दिखूं में तो प्यारी,

लक्ष्मी जी वारो , नजर उतारो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥


रंगो से रंग मिले, नए-नए ढंग खिले,

खुशी आज द्वारे मेरे डाले है डेरा,

पीहू पीहू पपीहा रटे,

कुहू कुहू कोयल जपे,

आँगन-आँगन है परियो ने घेरा,

अनहद नाद. बजाओ रे सब-मिल,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥


चोख पुरावो, माटी रंगावो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे


खबर सुनाऊ जो,

खुशी ये बताऊँ जो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥


बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया (Brindavan Ka Krishan Kanhaiya Sabki Aankhon Ka Tara)

बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया
सब की आँखों का तारा

भैरव बाबा की पूजा कैसे करें?

भैरव बाबा हिंदू धर्म में भगवान शिव का एक उग्र रूप हैं। उन्हें तांत्रिक शक्ति और रक्षा का प्रतीक माना जाता है। साथ ही वे भक्तों के रक्षक और दुःख हरने वाले भी हैं। काल भैरव को समय और मृत्यु का देवता माना जाता है।

रुक्मिणी अष्टमी पूजा विधि

सनातन धर्म के लोगों की भगवान कृष्ण से खास आस्था जुड़ी है। कृष्ण जी को भगवान विष्णु का ही एक अवतार माना जाता है, जो धैर्य, करुणा और प्रेम के प्रतीक हैं।

पहिले पहिल हम कईनी

पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहर,

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