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सोहर: जुग जुग जियसु ललनवा (Sohar: Jug Jug Jiya Su Lalanwa Ke)

जुग जुग जियसु ललनवा,

भवनवा के भाग जागल हो,

ललना लाल होइहे,

कुलवा के दीपक मनवा में,

आस लागल हो ॥


आज के दिनवा सुहावन,

रतिया लुभावन हो,

ललना दिदिया के होरिला जनमले,

होरिलवा बडा सुन्दर हो ॥


नकिया तहवे जैसे बाबुजी के,

अंखिया ह माई के हो

ललन मुहवा ह चनवा सुरुजवा त सगरो,

अन्जोर भइले हो ॥


सासु सुहागिन बड भागिन,

अन धन लुटावेली हो

ललना दुअरा पे बाजेला बधइया,

अन्गनवा उठे सोहर हो ॥


नाची नाची गावेली बहिनिया,

ललन के खेलावेली हो

ललना हंसी हंसी टिहुकी चलावेली,

रस बरसावेली हो ॥


जुग जुग जियसु ललनवा,

भवनवा के भाग जागल हो

ललना लाल होइहे,

कुलवा के दीपक मनवा में,

आस लागल हो ॥

श्री लक्ष्मी चालीसा

मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास ।
मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस ॥

राम नवमी पूजा विधि

राम नवमी का त्योहार सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार विशेष रूप से भगवान श्री राम की जयंती के रूप में मनाया जाता है।य ह त्योहार प्रत्येक वर्ष चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।

सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी (Saj Dhaj Ke Baithi Hai Maa Laage Sethani)

सज धज के बैठी है माँ,
लागे सेठानी,

बेटा बुलाए झट दौड़ी चली आए माँ (Beta Bulaye Jhat Daudi Chali Aaye Maa)

मैं नही जानू पूजा तेरी,
पर तू ना करना मैया देरी,

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