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मुझे दास बनाकर रख लेना (Mujhe Das Banakar Rakh Lena)

मुझे दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में,

मुझे दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में,

भगवान तू अपने चरणों में,

भगवान तू अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में ॥


मैं भला बुरा हूँ तेरा हूँ,

मैं भला बुरा हूँ तेरा हूँ,

तेरे द्वार पे डाला डेरा हूँ,

तेरे द्वार पे डाला डेरा हूँ,

मुझे चाकर जान के रख लेना,

मुझे चाकर जान के रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में ॥


जब अधम से, अधम को तारा है,

जब अधम से, अधम को तारा है,

उसमे ही नाम हमारा है,

उसमे ही नाम हमारा है,

मुझे भार समझ कर रख लेना,

मुझे भार समझ कर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में ॥


मुझे दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में,

भगवान तू अपने चरणों में,

भगवान तू अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना,

भगवान तू अपने चरणों में ॥

सिंघ सवारी महिमा भारी: भजन (Singh Sawari Mahima Bhari)

सिंघ सवारी महिमा भारी,
पहाड़ों में अस्थान तेरा,

श्री भैरव चालीसा (Shri Bhairav ​​Chalisa)

श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वंदन करो, श्री शिव भैरवनाथ ॥

पापमोचनी एकादशी विष्णु पूजा विधि

पापमोचनी एकादशी व्रत पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, और इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाला व्रत माना गया है। पापमोचनी एकादशी व्रत का वर्णन स्कंद पुराण में किया गया है, जहां इस बात की चर्चा की गई है, की इस व्रत का पालन करने से मनुष्य अपने पिछले जन्मों के दोषों से भी मुक्त हो सकता है।

मार्गशीर्ष के देवता

श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है मासानां मार्गशीर्षोऽहम् यानी महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं। इस माह को धार्मिक ग्रंथों में पवित्र और फलदायी बताया गया है।

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