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शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा (Shiv Puja Mai Mann Leen Rahe Mera)

शिव पूजा में मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा ।

मिट जाए जन्मों की तृष्णा,

मिले भोले शंकर प्यार तेरा ।


तुझ में खोकर जीना है मुझे,

मैं बूंद हूँ तू एक सागर है । ..x2

तुझ बिन जीवन का अर्थ है क्या,

मैं तारा हूँ तू अम्बर है ।

तूने मुझ को स्वीकार किया,

क्या कम है यह उपकार तेरा।

॥ शिव पूजा में मन लीन रहे...॥


यूं मुझको तेरा प्यार मिला,

बेजान को जैसे जान मिली । ..x2

जिस दिन से तुझको जाना है,

मुझको अपनी पहचान मिली ।

दे दी तूने चरणों में जगह,

आभारी हूं सौ बार तेरा ।

॥ शिव पूजा में मन लीन रहे...॥


शिव पूजा में मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,

मिट जाए जन्मों की तृष्णा,

मिले भोले शंकर प्यार तेरा ।

मैया री एक भाई दे दे (Maiya Ri Ek Bhai Dede)

मैया री एक भाई दे दे दे दे,
ना तो मैं मर जांगी,

मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन - भजन (Main Nahi Mera Nahi Ye Tan)

मैं कितना अधम हूँ,
ये तुम ही जानो,

कला साधना पूजा विधि

कला को साधना कहा जाता है , क्योंकि यह केवल मनोरंजन नहीं बल्कि आत्मा की एक गहरी यात्रा होती है। चाहे वह संगीत, नृत्य, चित्रकला, मूर्तिकला, नाटक या किसी अन्य रूप में हो।

माँ की लाल रे चुनरिया, देखो लहर लहर लहराए(Maa Ki Laal Re Chunariya Dekho Lahar Lahar Lehraye)

माँ की लाल रे चुनरिया,
देखो लहर लहर लहराए,