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तू मेरा राखा सबनी थाई - गुरुवाणी शब्द कीर्तन (Tu Mera Rakha Sabni Thai)

तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी,

तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी


तुम्हारी किरपा ते तुद पछाणा,

तू मेरी ओट तू हैं मेरा माना

तू मेरी ओट तू हैं मेरा माना

तुझ बिन दूजा अवार ना कोई

सब तेरा खेल पासारो जी,

सब तेरा खेल पासारो जी

तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी,


जिय जंत सब तुद उपाए,

जित जित भाणा तित तित लाये

सब किछ किता तेरा होवै

सब किछ किता तेरा होवै

नाही किछ असाडा जियो,

नाही किछ असाडा जियो

तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी,


नाम ध्याये महा सुख पाया,

हर गुण गाऐ मेरा मन सितलाया

गुरु पुरे वाजी वधाई

नानक जिता बिखाङा जी,

नानक जिता बिखाङा जी,

तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी,


तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी,

तू मेरा राखा, सबनी थाई

तां भौ के हा काढा जी,

तां भौ के हा काढा जी,

तू मेरा पिता, तू हैं मेरा माता

तू मेरा बंधप, तू मेरा भ्राता

शुक्रवार को किन मंत्रों का जाप करें?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार का दिन सुख, समृद्धि और वैभव के प्रतीक शुक्र देव की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करने से धन और सुख-संपत्ति में वृद्धि होती है।

चंद्र दर्शन का महत्व क्या है

मार्गशीर्ष माह हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। इस माह में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि का आगमन होता है। चंद्र देव को मन का कारक और मानसिक संतुलन का प्रतीक माना गया है।

सवारी महाकाल की आई(Sawari Mahakal Ki Aayi)

आओ प्यारे भक्तों,
भोले बाबा को मनाएं हम,

मां लक्ष्मी पूजा विधि

दीपावली, जिसे दीपोत्सव या महालक्ष्मी पूजन का पर्व भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति का सबसे पावन त्योहारों में से एक है। यह पर्व विशेषकर धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए ही मनाया जाता है।