फाल्गुन में देवताओं की पूजा

Falgun Puja: फाल्गुन मास में अवश्य करें इन 3 देवताओं का पूजन, मिलेगा मनचाहा वरदान 


माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन माह की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह हिंदू वर्ष का अंतिम महीना होता है। इसके उपरांत हिन्दू नववर्ष आ जाएगा। फाल्गुन के महीने को फागुन का महीना भी कहा जाता है। इस महीने महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। इस माह में भगवान विष्णु समेत कुछ देवों की पूजा का विशेष महत्व है। फाल्गुन माह में इनकी पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। तो आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि फाल्गुन में किन देवताओं की पूजा शुभ फलदायी मानी जाती है। 


कब से शुरू हो रहा है फाल्गुन?


फाल्गुन माह का आरम्भ :- कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, 13 फरवरी, दिन गुरुवार से शुरू हो रही है।  

फाल्गुन माह का समापन :- शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि, 14 मार्च, शुक्रवार को होगा। 


फाल्गुन में इन 3 देवों की होती है पूजा 


1) भगवान विष्णु:- इस माह में भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। फाल्गुन माह में भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इस माह में भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भगवान विष्णु की पूजा हेतु सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें पीले वस्त्र अर्पित करें। फिर भगवान विष्णु को चंदन, अक्षत, पुष्प और धूप-दीप आदि अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और उनकी आरती करें।


2) भगवान शिव:- महाशिवरात्रि फाल्गुन माह का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है। फाल्गुन माह में भगवान शिव की पूजा करने से ग्रहों की शांति होती है। इस माह में भगवान शिव की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाले सभी ग्रहों के दोष दूर होते हैं। फाल्गुन माह में शिव मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस माह में "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ होता है।


3) चंद्रमा:- फाल्गुन माह को चंद्रमा का जन्म माह माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा का जन्म फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए इस माह में चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। फाल्गुन माह में चंद्रमा की पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मकता प्राप्त होती है।


त्योहारों का महीना होता है फाल्गुन 


फाल्गुन माह को हिंदू कैलेंडर में बारहवां महीना माना जाता है। विजया एकादशी, महाशिवरात्रि, होली आदि कुछ प्रमुख त्योहार फाल्गुन माह में मनाए जाते हैं। विजया एकादशी भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए मनाई जाती है। महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का त्योहार है। फाल्गुन माह में फाल्गुन पूर्णिमा या होली एक महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में मनाई जाती है। इसे "रंगों के त्योहार" के नाम से भी जाना जाता है। 


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भानु सप्तमी कब है ?

भानु सप्तमी एक महत्वपूर्ण तिथि है जो सूर्य देव की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है। इस दिन विशेष रूप से सूर्यदेव की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है।

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शनिदेव की पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में शनिदेव को कर्मफलदाता कहा जाता है। इनके पास व्यक्ति के सभी कर्मों का लेखा-जोखा रहता है और उसी के हिसाब से व्यक्ति को शुभ और अशुभ परिणाम मिलते हैं। ऐसी मान्यता है कि इनकी पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को शनिदोष से छुटकारा मिल जाता है और जीवन में चल रही सभी परेशानियां भी दूर हो जाती है।

कौन हैं ललिता देवी

माता ललिता को समर्पित यह ललिता जयंती हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। दस महाविद्याओं में से एक है माता ललिता। इन्हें राज राजेश्वरी और ‍त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है।

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