शिव के 108 नामों के जाप

MahaShivratri 2025: महाशिवरात्रि पर शिव के मंत्रों का 108 बार क्यों किया जाता है जाप, जानें वजह 



26 फरवरी को इस बार महाशिवरात्रि का पर्व है। ये दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक शिवरात्रि के दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ है। इस कारण से  भक्तगण  भगवान शिव की कृपा पाने के लिए उपवास रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं।  कई लोग तो  भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष रूप से उनके 108 नामों का जाप करते हैं। ये 108 नाम  भगवान शिव की विभिन्न शक्तियों, स्वरूपों और गुणों का वर्णन है। ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की रात इन नामों का जाप करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।चलिए आर्टिकल के जरिए आपको भगवान शिव के 108 नामों के जाप करने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बताते हैं।

108 नामों के जप का धार्मिक महत्व



  1. हिंदू धर्म में 108 एक पवित्र संख्या है।ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मांड में 108 ऊर्जा केंद्र  हैं। मानव शरीर में भी 108 मर्म बिंदु होते हैं। इसलिए, 108 नामों का जाप करने से ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ संबंध स्थापित होता है।
  2. भगवान शिव को "महादेव", "त्रिनेत्रधारी", "महाकाल", "शंकर", "नीलकंठ" जैसे कई नामों से पुकारा जाता है। हर नाम में उनकी किसी न किसी शक्ति और स्वरूप का वर्णन है। इसी कारण से  जब भक्त उनके 108 नामों का जाप करते हैं, तो वे शिव के समस्त रूपों की पूजा कर रहे होते हैं, जिससे उनकी कृपा प्राप्त होती है।
  3. शिव के 108 नामों का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह जाप मन को शांत और एकाग्र करने में मदद करता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  4. महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव की आराधना करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इस रात जागरण करके उनके 108 नामों का जाप करने से भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है और शिव उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
    

वैज्ञानिक कारण 


1. मानसिक शांति 


शिव के 108 नामों का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है।यह ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उपयोगी होता है। साधना करने से व्यक्ति का कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।

2. मस्तिष्क के लिए मददगार 


मंत्र जाप और नामों के उच्चारण से ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं, जो मस्तिष्क को शांत करने में सहायक होती हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखे को मंत्रों के उच्चारण से  स्ट्रेस हार्मोन कम होता है और व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है।

कैसे करें 108 नामों का जाप?


  1. मंत्र जाप से पहले स्नान करें और पवित्र वस्त्र धारण करें।
  2. शांत मन से शिवलिंग या शिव प्रतिमा के सामने बैठें।
  3. 108 नामों के जाप के लिए रुद्राक्ष माला का उपयोग करें।
  4. "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का उच्चारण करें।
  5. जाप समाप्त होने के बाद कुछ देर ध्यान करें और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

........................................................................................................
दर्शन कर लो रे भक्तो, मेहंदीपुर धाम का (Darshan Kar Lo Re Bhakto Mehandipur Dham Ka)

दर्शन कर लो रे भक्तो,
मेहंदीपुर धाम का,

माघ पूर्णिमा व्रत कथा

सनातन हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का काफी महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन किए गए स्नान और दान विशेष फलदायी होता है।

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है (Mujhe Tune Malik Bahut Kuch Diya Hai)

मुझे तूने मालिक,
बहुत कुछ दिया है ।

फाल्गुन मास की पौराणिक कथा

फाल्गुन’ का महीना हिंदू पंचांग का अंतिम महीना होता है। इस मास की पूर्णिमा फाल्गुनी नक्षत्र में होती है। जिस कारण इस महीने का नाम फाल्गुन पड़ा है। इस महीने को आनंद और उल्लास का महीना भी कहा जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।