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अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा (Amrit Bela Geya Aalasi So Raha Ban Aabhaga)

बेला अमृत गया,

आलसी सो रहा बन आभागा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,

बेला अमृत गया,

आलसी सो रहा, बन आभागा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,


झोलियाँ भर रहै भाग्य वाले,

लाख पतितो ने जीवन सम्भाले,

रंक राजा बने, प्रभु रस में सने, कष्ट भागा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,

॥ बेला अमृत गया...॥


प्रभु कृपा से नर तन यह पाया,

आलसी बनकर यूँ ही गँवाया

उल्टी हो गई मती,

कर ली अपनी छती, चोला त्यागा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,

॥ बेला अमृत गया...॥


स्वास एक एक अनमोल बीता,

अमृत के बदले विष को तू पीता,

सौदा घाटे का कर,

हाथ माथे पे धर, रोने लगा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,

॥ बेला अमृत गया...॥


मानव कुछ भी न तूने बिचारा,

सिर से ऋषियो का ऋण न उतारा,

गुरु का नाम न लिया,

गंदा पानी पीया, बन के कागा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,

॥ बेला अमृत गया...॥


बेला अमृत गया,

आलसी सो रहा, बन आभागा,

साथी सारे जगे, तू न जागा,

हरछठ (Har Chhath)

हरछठ या हलछठ पर्व के दिन व्रत रखने से संतान-सुख की प्राप्ति होती है। अब आपके दिमाग में हरछठ व्रत को लेकर कई सवाल आ रहे होंगे। तो आइए आज भक्त वत्सल के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि हरछठ पर्व क्या है और इसमें व्रत रखने से हमें क्यों संतान प्राप्ति होती है?

अन्वाधान कब है

फरवरी माह में प्रकृति में भी बदलाव आता है, मौसम में ठंडक कम होने लगती है। पेड़ों पर कोमल पत्ते आने लगते हैं। इस साल फरवरी में गुरु मार्गी होंगे और सूर्य, बुध भी राशि परिवर्तन करेंगा। इसलिए यह महीना बहुत खास रहने वाला है।

लाली लाली लाल चुनरियाँ (Laali Laali Laal Chunariya)

लाली लाली लाल चुनरियाँ,
कैसे ना माँ को भाए ॥

तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है (Tum Utho Siya Singar Karo Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai)

तुम उठो सिया सिंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है,