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भारत माता तेरा आँचल (Bharat Mata Tera Aanchal)

भारत माता तेरा आँचल,

हरा-भरा धानी-धानी ।

मीठा-मीठा चम्-चम करता,

तेरी नदियों का पानी ।


हरी हो गयी बंजर धरती,

नाचे झरनो में बिजली ।

सोना-चांदी उगल रही है,

तेरी नदियों का पानी ।


भारत माता तेरा आँचल,

हरा-भरा धानी-धानी ।

मीठा-मीठा चम्-चम करता,

तेरी नदियों का पानी ।


मस्त हवा जब लहराती है,

दूर-दूर तक पहुंचाती है ।

तेरे ऊँचे-ऊँचे पर्वत,

निडर बहादुर सेनानी ।


भारत माता तेरा आँचल,

हरा-भरा धानी-धानी ।

मीठा-मीठा चम्-चम करता,

तेरी नदियों का पानी ।

चल काँवरिया, चल काँवरिया (Chal Kawariya, Chal Kawariya)

जय हो बैजनाथ
जय हो भोले भंडारी

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ (O Ganga Tum,Ganga Behti Ho Kiyon)

करे हाहाकार निःशब्द सदा
ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

भीष्म अष्टमी की पूजा विधि

सनातन धर्म में भीष्म अष्टमी का विशेष महत्व माना गया है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘भीष्म अष्टमी’ कहा जाता है।

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ (Tumhi Me Ye Jivan Jiye Ja Raaha Hoon)

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ
जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥

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