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दर्शन को तेरे आया(Darshan Ko Tere Aaya )

दर्शन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


तुम ही मेरे हो लंबोदर,

आस ना कोई दूजा,

अपनी किरपा रखना स्वामी,

मन से की है पूजा,

मंदिर में तेरे आके देवा,

लडुवन भोग लगाके,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


ना कोई बंधन जगत का कोई,

पहरा ना लग पाए,

सब बाधाएं दूर है होती,

शरण जो तेरी आये,

गजमुख देव छवि ये तेरी,

मन में इसे बिठाके,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


तेरा ही मुख देख गणेशा,

रात को मैं सो जाऊं,

भोर भये जब आंख खुले तो,

तेरे दर्शन पाऊं,

शिव के पुत्र दुलारे तुम हो,

भक्तो के भी प्यारे,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


दर्शन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥

मेरे घर आयो शुभ दिन (Mere Ghar Aayo Shubh Din)

मेरे घर आयो शुभ दिन आज,
मंगल करो श्री गजानना ॥

वृश्चिक संक्रांति का महत्व

वृश्चिक संक्रांति पौराणिक कथाओं के अनुसार एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योंहार है। यह हिंदू संस्कृति में सौर दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान सूर्य जी की पूजा के लिए विशेष माना होता है। वृश्चिक संक्रांति के समय सूर्य उपासना के साथ ही मंगल ग्रह शांति एवं पूजा करने से मंगल ग्रह की कृपा होती है।

सालासर धाम निराला बोलो जय बालाजी (Salasar Dham Nirala Bolo Jay Balaji)

सालासर धाम निराला,
की बोलो जय बालाजी,

दर पे तुम्हारे सांवरे (Dar Pe Tumhare Saware)

दर पे तुम्हारे सांवरे,
सर को झुका दिया,

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