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गौरी के लाड़ले (Gauri Ke Ladle)

गौरी के लाड़ले,

महिमा तेरी महान,

करता है सबसे पहले,

पूजा तेरी जहान,

गौरी के लाडले,

महिमा तेरी महान ॥


चंदन चौकी पे बिराजे,

दाता गजशिश धारी,

शीश स्वर्ण मुकुट,

गले मोतियन माला प्यारी,

रिद्धि सिद्धि अंग संग,

छवि सबसे है न्यारी,

भोग लड्डुवन का लगे,

करे मूसे की सवारी,

पुरे हो काम तब ही,

पहले तुम्हारा ध्यान,

गौरी के लाडले,

महिमा तेरी महान ॥


माता गौरी जी के लाल,

शिव भोले के दुलारे,

रखे भक्तो की लाज,

काज बिगड़े सवारे,

अन्न धन ज्ञान मान,

से वो भरते भंडारे,

तेरा नाम सरल,

जो भी मन से पुकारे,

बिन मांगे लख्खा पाए,

मुंह माँगा तुमसे दान,

गौरी के लाड़ले,

महिमा तेरी महान,

करता है सबसे पहले,

पूजा तेरी जहान,

गौरी के लाडले,

महिमा तेरी महान ॥

करवा चौथ पूजा विधि (Karva Chauth Pooja Vidhi )

यह व्रत अति प्राचीन है। इसका प्रचलन महाभारत से भी पूर्व का है। यह व्रत सौभाग्यवती महिलाओं के लिए उत्तम माना गया है।

सुन मेरी मात मेरी बात (Sun Meri Maat Meri Baat)

सुन मेरी मात मेरी बात,
छानी कोणी तेरे से,

भीष्म अष्टमी पर करें गंगा स्नान

भीष्म अष्टमी सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके वंश में संतान नहीं होती। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

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