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शंभू ये तेरी माया, कहीं है धूप कहीं है छाया(Shambhu Ye Teri M aya Kahin Hai Dhup Kahin Hai Chaya)

शंभू ये तेरी माया,

कहीं है धूप कहीं है छाया,

खुद तूने विष पिया,

औरो को अमृत पिलाया,

तेरे जैसा योगी,

ना मिला है ना पाया,

सांसें तब तक चलेगी,

जब तक रहेगा तेरा साया,

शम्भु ये तेरी माया,

कहीं है धूप कहीं है छाया ॥


तू अघोरी भस्म सनी तेरी काया,

त्रिशूल उठा के तांडव,

जब डमरू डमडमाया,

कांपी ये धरती जग घबराया,

अंबर थर थराया,

शम्भु ये तेरी माया,

कहीं है धूप कहीं है छाय ॥


औरो को दौलत बांटे,

खुद से दूर मोह माया,

सांसो में योगी,

योगी में संसार समाया,

शम्भु ये तेरी माया,

कहीं है धूप कहीं है छाया ॥


शंभू ये तेरी माया,

कहीं है धूप कहीं है छाया,

खुद तूने विष पिया,

औरो को अमृत पिलाया,

तेरे जैसा योगी,

ना मिला है ना पाया,

सांसें तब तक चलेगी,

जब तक रहेगा तेरा साया,

शम्भु ये तेरी माया,

कहीं है धूप कहीं है छाया ॥


करवा चौथ व्रत-कथा की कहानी (Karva Chauth Vrat-katha Ki Kahani)

अतीत प्राचीन काल की बात है। एक बार पाण्डु पुत्र अर्जुन तब करने के लिए नीलगिरि पर्वत पर चले गए थे।

आज सोमवार है ये शिव का दरबार है (Aaj Somwar Hai Ye Shiv Ka Darbar Hai)

आज सोमवार है ये शिव का दरबार है,
भरा हुआ भंडार है,

मौनी अमावस्या पर पितरों का आशीर्वाद

मौनी अमावस्या पर लोग अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या का पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों से छुटकारा मिलता है।

सूर्यदेव की पूजा किस विधि से करें?

वेदों में सूर्य को न केवल जगत की आत्मा बल्कि ईश्वर का नेत्र भी माना गया है। जीवन, स्वास्थ्य और शक्ति के देवता के रूप में उनकी पूजा की जाती है।

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