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घर में पधारो गजानन जी(Ghar Me Padharo Gajanan Ji)

घर में पधारो गजाननजी,

मेरे घर में पधारो

रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा,

मेरे घर में पधारो ॥

॥ घर में पधारो गजाननजी ॥


राम जी आना,

लक्ष्मण जी आना

संग में लाना सीता मैया,

मेरे घर में पधारो ॥

॥ घर में पधारो गजाननजी ॥


ब्रम्हा जी आना,

विष्णु जी आना

भोले शशंकर जी को ले आना,

मेरे घर में पधारो ॥

॥ घर में पधारो गजाननजी ॥


लक्ष्मी जी आना,

गौरी जी आना

सरस्वती मैया को ले आना,

मेरे घर में पधारो ॥

॥ घर में पधारो गजाननजी ॥


विघन को हारना,

मंगल करना,

कारज शुभ कर जाना,

मेरे घर में पधारो ॥

॥ घर में पधारो गजाननजी ॥

गौरी के पुत्र गणेंश जी, मेरे घर में पधारो (Gauri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Mein Padharo)

गौरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥

फाल्गुन में देवताओं की पूजा

माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन माह की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह हिंदू वर्ष का अंतिम महीना होता है। इसके उपरांत हिन्दू नववर्ष आ जाएगा। फाल्गुन के महीने को फागुन का महीना भी कहा जाता है।

षटतिला एकादशी में तुलसी का महत्व

हिंदू धर्म में पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशियों में से प्रत्येक को विशेष माना जाता है। उन्हीं में से एक षटतिला एकादशी है। माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को ही षटतिला एकादशी कहते हैं।

फरवरी में कब है स्कंद षष्ठी?

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाता है। इसे कुमार षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत कथा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है।

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