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गौरी के पुत्र गणेंश जी, मेरे घर में पधारो (Gauri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Mein Padharo)

गौरी के पुत्र गणेश जी,

मेरे घर में पधारो ॥


दोहा – सदा भवानी दाहिनी,

सन्मुख रहे गणेश,

पाँच देव रक्षा करें,

ब्रह्मा विष्णु महेश ॥


गौरी के पुत्र गणेश जी,

मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो,

कीर्तन में पधारो,

काटो सकल कलेश जी,

मेरे घर में पधारो ॥


एकदन्त दयावन्त चारभुजा धारी,

माथे सिंदूर सोहे मूस की सवारी,

हे सर्व सिद्धि सर्वेश जी,

मेरे घर में पधारो,

गोरी के पुत्र गणेश जी,

मेरे घर में पधारो ॥


मोदक प्रिय मुद मंगल दाता,

विद्या वारिधि बुद्धि विधाता,

हे गणपति पुत्र उमेश जी,

मेरे घर में पधारो,

गोरी के पुत्र गणेश जी,

मेरे घर में पधारो ॥


शंकर सुवन भवानी के नंदन,

चरण कमल पे शत शत वंदन,

मेरे हृदय करो प्रवेश जी,

मेरे घर में पधारो,

गोरी के पुत्र गणेश जी,

मेरे घर में पधारो ॥


गौरी के पुत्र गणेंश जी,

मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो,

कीर्तन में पधारो,

काटो सकल कलेश जी,

मेरे घर में पधारो ॥

2025 की पहली बैकुंठ एकादशी कब है

सनातन धर्म में बैकुंठ एकादशी का विषेश महत्व है। इस पवित्र दिन पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को मृत्यु उपरांत बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।

दर्शन कर लो रे भक्तो, मेहंदीपुर धाम का (Darshan Kar Lo Re Bhakto Mehandipur Dham Ka)

दर्शन कर लो रे भक्तो,
मेहंदीपुर धाम का,

ऐसा दरबार कहाँ, ऐसा दातार कहाँ (Aisa Darbar Kahan Aisa Datar Kaha)

ऐसा दरबार कहाँ,
ऐसा दातार कहाँ,

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