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दर्शन कर लो रे भक्तो, मेहंदीपुर धाम का (Darshan Kar Lo Re Bhakto Mehandipur Dham Ka)

दर्शन कर लो रे भक्तो,

मेहंदीपुर धाम का,

डंका बाजे है यहाँ पे,

बाबा के नाम का,

दर्शन कर लो रे भक्तों,

मेहंदीपुर धाम का ॥


ये सच्चा दरबार यहाँ पे,

रहते बजरंग बाला,

अंजनी माँ के लाला,

प्रेतराज भैरो संग जी के,

भूतो का ये दीवाना,

जादू करे निराला,

चर्चा है भारी है जग में,

इनके तो काम का,

डंका बाजे है यहाँ पे,

बाबा के नाम का,

दर्शन कर लो रे भक्तों,

मेहंदीपुर धाम का ॥


इस मंदिर में आकर देखो,

मूरत राम सिया की,

मूरत राम सिया की,

बड़े ही मनभावन है भक्तो,

यहाँ पे इनकी झांकी,

सबके मन को भाति,

प्यारा नज़ारा यहाँ तो,

आठों ही याम का,

डंका बाजे है यहाँ पे,

बाबा के नाम का,

दर्शन कर लो रे भक्तों,

मेहंदीपुर धाम का ॥


ये है पंचमुखी हनुमाना,

शक्ति इनकी भारी,

ये शिव के अवतारी,

करके इनको नमन यहाँ पे,

लौटते है नर नारी,

इनकी महिमा न्यारी,

सारा ही खेल ये तो,

प्रभु श्री राम का,

डंका बाजे है यहाँ पे,

बाबा के नाम का,

दर्शन कर लो रे भक्तों,

मेहंदीपुर धाम का ॥


दर्शन कर लो रे भक्तो,

मेहंदीपुर धाम का,

डंका बाजे है यहाँ पे,

बाबा के नाम का,

दर्शन कर लो रे भक्तों,

मेहंदीपुर धाम का ॥

सफला एकादशी की व्रत कथा

पौष माह के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी का व्रत रखा जाता है। सनातन धर्म में एकादशी तिथि का काफ़ी महत्व होता है।

शम्भु स्तुति - नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं (Shambhu Stuti - Namami Shambhu Purusham Puranam)

नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं
नमामि सर्वज्ञमपारभावम् ।

जया एकादशी पर क्या न खाएं?

जया एकादशी का उपवास हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि और मां लक्ष्मी की पूजा आराधना करने की मान्यता है।

बजरंग बाण (Bajrang Baan)

निश्चय प्रेम प्रतीति ते,
बिनय करैं सनमान ।

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