नवीनतम लेख

बम बाज रही भोले की, चारों दिशाएं - भजन (Bam Baj Rahe Bhole Ki Charo Dishaye)

बम बाज रही भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


अरे कौना ने बो दए धतूरा,

अरे कौना ने बो दई भंगिया,

बम बाज रहीं भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


मोरे भोला ने बो दए धतूरा,

गौरा रानी ने बो दई भंगिया,

बम बाज रहीं भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


अरे कौना ने सींचे धतूरा,

अरे कौना ने सींच दई भंगिया,

बम बाज रहीं भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


मोरे भोला ने सींचे धतूरा,

गौरा रानी ने सींच दई भंगिया,

बम बाज रहीं भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


अरे कौना ने खा लई धतूरा,

कौना ने पी लई भंगिया,

बम बाज रहीं भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


अरे नंदी ने खा लई धतूरा,

मोरे भोले ने पि लई भंगिया,

बम बाज रहीं भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥


बम बाज रही भोले की,

चारों दिशाएं,

बम बाज रही ॥

लट्ठमार होली कैसे खेली जाती है

बरसाने में लट्ठमार होली फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस साल 8 मार्च को पड़ रही है। यह त्योहार राधा-कृष्ण के प्रेम की लीलाओं को दर्शाता है।

बालाजी मुझे अपने, दर पे बुलाना: भजन (Balaji Mujhe Apne Dar Pe Bulana)

बालाजी मुझे अपने,
दर पे बुलाना,

भज गोविन्दम्, भज गोविन्दम् - भजन (Bhaja Govindam, Bhaja Govindam)

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्,
गोविन्दं भज मूढ़मते।

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है (Thoda Deta Hai Ya Jyada Deta Hai)

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,
हमको तो जो कुछ भी देता,

यह भी जाने