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Gurudev Daya Karke Mujhko Apna Lena (गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना)

मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना,

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना ।


करूणानिधि नाम तेरा,

करुन दिखलाओ तुम,

सोये हुए भाग्यो को,

हे नाथ जगाओ तुम ।

मेरी नाव भवर डोले,

इसे पार लगा देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


जय गुरुदेवा, जय गुरुदेवा ।

जय गुरुदेवा, जय गुरुदेवा ॥


तुम सुख के सागर हो,

निर्धन के सहारे हो,

इस तन में समाये हो,

मुझे प्राणों से प्यारे हो ।

नित्त माला जपूँ तेरी,

नहीं दिल से भुला देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


पापी हूँ या कपटी हूँ,

जैसा भी हूँ तेरा हूँ,

घर बार छोड़ कर,

मैं जीवन से खेला हूँ ।

दुःख का मार हूँ मैं,

मेरा दुखड़ा मिटा देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


मैं सब का सेवक हूँ,

तेरे चरणों का चेरा हूँ,

नहीं नाथ भुलाना मुझे,

इसे जग में अकेला हूँ ।

तेरे दर का भिखारी हूँ,

मेरे दोष मिटा देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


इन चरनन की पाऊं सेवा,

जय गुरुदेवा, जय गुरुदेवा ।

भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ (Bhagwan Tumhare Charno Mein Main Tumhe Rijhane Aaya Hun)

भगवान तुम्हारे चरणों में,
> मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ,

जय हो बाबा विश्वनाथ (Jay Ho Baba Vishwanath)

जय हो बाबा विश्वनाथ,
जय हो भोले शंकर,

चंपा षष्ठी मानने के पीछे की वजह

भारत में त्योहारों का विशेष महत्व है। यहां हर दिन किसी न किसी क्षेत्र में कोई पर्व या त्योहार मनाया जाता है। इनमें से कुछ त्योहार न केवल देश में बल्कि विदेशों तक भी प्रचलित होते हैं।

रंग पंचमी पर देवताओं को कौन सा रंग चढ़ाएं

रंग पंचमी 2025 इस वर्ष 21 मार्च को मनाई जाएगी। यह पर्व होली के पांचवें दिन फाल्गुन मास की शुक्ल पंचमी तिथि को आता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रंग पंचमी का दिन देवी-देवताओं को समर्पित होता है और इस दिन वे भी गीले रंगों से होली खेलते हैं।

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