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हे विनय विनायक विनती करा(Hey Vinay Vinayak Vinati Kara)

हे विनय विनायक विनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी,

निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो,

निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो,

मन मंदिर में सत्कार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे आदि देव हे अनादि देवा,

थाने भोग लगावा लाडू मेवा,

हे अष्ट सिद्धि नव निधि दाता,

थाने चंवर डुला मनवार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

गौरी नंदन हे अष्ट विनायक,

दुःख भंजन हे सुखदायक,

भवसागर सु म्हाने पार करो,

थारा चरणा में अरदास करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


भोलेनाथ रा थे भंडारी हो,

आदिशक्ति रा शक्ति प्रभारी हो,

थे जगत पिता त्रिपुरारी हो,

थाने बारम्बार प्रणाम करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक विनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी,

निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो,

निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो,

मन मंदिर में सत्कार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

अग्नि देवता की पूजा विधि क्या है?

सनातन धर्म में अग्नि देवता को देवताओं का मुख माना जाता है। वे देवताओं और मनुष्यों के बीच एक संदेशवाहक भी माने जाते हैं। अग्नि देवता यज्ञों के देवता भी हैं।

शमसानो के वासी हो, भूतों का है साथ(Shamshano Ke Vasi Ho Bhuto Ka Hai Sath)

शमसानो के वासी हो,
भूतों का है साथ,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की (Haathi Ghoda Pal Ki Jai Kanhaiya Lal Ki)

हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की ॥
आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

हर ग्यारस खाटू में अमृत जो बरसता है (Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai)

हर ग्यारस खाटू में,
अमृत जो बरसता है,

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