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हे विनय विनायक विनती करा(Hey Vinay Vinayak Vinati Kara)

हे विनय विनायक विनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी,

निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो,

निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो,

मन मंदिर में सत्कार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे आदि देव हे अनादि देवा,

थाने भोग लगावा लाडू मेवा,

हे अष्ट सिद्धि नव निधि दाता,

थाने चंवर डुला मनवार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

गौरी नंदन हे अष्ट विनायक,

दुःख भंजन हे सुखदायक,

भवसागर सु म्हाने पार करो,

थारा चरणा में अरदास करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


भोलेनाथ रा थे भंडारी हो,

आदिशक्ति रा शक्ति प्रभारी हो,

थे जगत पिता त्रिपुरारी हो,

थाने बारम्बार प्रणाम करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥


हे विनय विनायक विनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी,

निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो,

निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो,

मन मंदिर में सत्कार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

गुरु प्रदोष व्रत से होंगे ये लाभ

गुरु प्रदोष व्रत को भगवान शिव की पूजा और विशेष रूप से बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

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इष्टि पौराणिक कथा और महत्व

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