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महाराज विनायक आओ: भजन (Maharaj Vinayak Aao)

गणराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


रणत भवन से आवो नी गजानन,

संग में रिद्धि सिद्धि ल्यावो,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


गणराज विनायक आवो,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


ब्रम्हा जी आवो देवा विष्णु पधारो,

संग में सरस्वती ले आवो,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


गणराज विनायक आवो,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


नांदिये सवारी शिव भोला पधारो,

संग में पार्वती ने ल्यावो,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


गणराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


सिंघ सवारी नवदुर्गे पधारो,

संग में काळा गौरा ल्यावो,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


गणराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


लीले सवारी बाबा रामदेव आवो,

संग में मेतल राणी ल्यावो,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


गणराज विनायक आवो,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


तानसेन देवा थारो यश गावे,

भूल्या ने राह बतावो,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥


गणराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

महाराज विनायक आओ,

म्हारी सभा में रंग बरसाओ ॥

ऐसा दरबार कहाँ, ऐसा दातार कहाँ (Aisa Darbar Kahan Aisa Datar Kaha)

ऐसा दरबार कहाँ,
ऐसा दातार कहाँ,

हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे (Hamare Bhole Baba Ko Mana Lo Jiska Dil Chahe)

हमारे भोले बाबा को,
मना लो जिसका दिल चाहे,

सूर्य प्रार्थना

प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यं रूपं हि मंडलमृचोऽथ तनुर्यजूंषि।
सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम् ॥

चैत्र अमावस्या मुहूर्त और तिथि

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र अमावस्य को बहुत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह हिंदू नववर्ष की शुरुआत के एक दिन पहले मनाई जाती है।