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रख लाज मेरी गणपति(Rakh Laaj Meri Ganpati)

रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए ।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥


रख लाज मेरी गणपति

रख लाज मेरी गणपति

सिद्धि विनायक दुःख हरण,

संताप हारी सुख करण ।


करूँ प्रार्थना मैं नित्त प्रति,

वरदान मंगल दीजिए ॥


रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति


तेरी दया, तेरी कृपा,

हे नाथ हम मांगे सदा ।

तेरे ध्यान में खोवे मति,

प्रणाम मम अब लीजिए ॥


रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए ।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति


करते प्रथम तव वंदना,

तेरा नाम है दुःख भंजना ।

करना प्रभु मेरी शुभ गति,

अब तो शरण मे लीजिए ॥


रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥


रख लाज मेरी गणपति

रख लाज मेरी गणपति

अन्वाधान के दिन किसकी पूजा होती है

भारत में अन्वाधान का अपना एक अलग स्थान है। अन्वाधान कृषि चक्र और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा पर्व है। इन्हें जीवन को पोषित करने वाली दिव्य शक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु मनाया जाता है।

आमलकी एकादशी पर आंवल के उपाय

हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आमलकी एकादशी मनाई जाती है। आमलकी एकादशी का व्रत स्त्री और पुरुष दोनों रखते हैं। इस शुभ अवसर पर साधक व्रत रख भगवान विष्णु की भक्ति भाव से पूजा करते हैं।

मेरा सर ढकने की माई तेरी चूनर काफी है

धूप समय की लाख सताए मुझ में हिम्मत बाकी है।
धूप समय की लाख सताए मुझ में हिम्मत बाकी है।
मेरा सर ढकने को माई तेरी चूनर काफ़ी है।

चक्रधर भगवान की पूजा कैसे करें?

भगवान चक्रधर 12वीं शताब्दी के एक महान तत्त्वज्ञ, समाज सुधारक और महानुभाव पंथ के संस्थापक थे। महानुभाव धर्मानुयायी उन्हें ईश्वर का अवतार मानते हैं। उनका जन्म बारहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में, गुजरात के भड़ोच में हुआ था। उनका जन्म नाम हरीपालदेव था।

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