नवीनतम लेख

सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार (Sabse Pahle Manaba Thane Deva Ra Sardar)

सबसे पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥


शंकर सूत थाने दुनिया है ध्यावे,

गिरजा भवानी थाने लाड़ है लड़ावे,

मूसे चढ़कर आओ,

थारी खूब करा मनुहार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥


दुंद दुन्दाला थे हो सूंड सुंडाला,

थारे गले में सोवे मोतियन माला,

पीताम्बर वस्त्रां रो,

थे खूब करो श्रृंगार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥


लड्डुवन रो बाबा थाने भोग लगावा,

तिलक लगावा मीठा भजन सुनावा,

दयावन्त वरदायक,

हे विनायक महाराज,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥


खाता बया में थारो नाम है लिखीजे,

शादी विवाह में थाने प्रथम नुतीजे,

‘विमल’ थारा गुण गावे,

थे खूब भरो भंडार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥


सबसे पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥

धनतेरस पूजा विधि

धनतेरस का नाम धन और तेरस ये दो शब्दों से बना है जिसमें धन का मतलब संपत्ति और समृद्धि है और तेरस का अर्थ है पंचांग की तेरहवीं तिथि। यह त्योहार खुशहाली, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

राम दरबार है जग सारा (Ram Darbar Hai Jag Sara)

राम दरबार है जग सारा,
राम ही तीनो लोक के राजा,

बाबा मुझे ये तो बता कोई इतना भी देता है क्या (Baba Mujhe Ye To Bata Koi Itna Bhi Deta Hai Kya)

बाबा मुझे ये तो बता,
कोई इतना भी देता है क्या,

सन्तोषी माता/शुक्रवार की ब्रत कथा (Santhoshi Mata / Sukravaar Ki Vrat Katha

एक नगरमें एक बुढ़ियाके सात पुत्र थे, सातौके विवाह होगए, सुन्दर स्त्री घर में सम्पन्न थीं। बड़े बः पुत्र धंधा करते थे बोटा निठल्ला कुछ नहीं करता था और इस ध्यान में मग्न रहता था कि में बिना किए का खाता हूं।

यह भी जाने