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Veer Hanumana Ati Balwana (वीर हनुमाना अति बलवाना)

वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

जो कोई आवे, अरज लगावे,
सबकी सुनियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
जो कोई आवे, अरज लगावे,
सबकी सुनियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

बजरंग बाला फेरू थारी माला,
संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
बजरंग बाला फेरू थारी माला,
संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

ना कोई संगी, हाथ की तंगी,
जल्दी हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
ना कोई सांगी, हांत की तंगी,
जल्दी हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी,
कृपा करियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी,
कृपा करियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा,
संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा,
संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।

वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना,
राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
आश्विन मास शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी (Ashvin Maas Shukla Paksh Ki Paapaankusha Ekaadashi)

युधिष्ठिर ने फिर पूछा-जनार्दन ! अब आप कृपा कर आश्विन शुक्ल एकादशी का नाम और माहात्म्य मुझे सुनाइये। भगवान् कृष्ण बोले राजन् !

सकट चौथ यम नियम

सकट चौथ हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान गणेश के साथ माता पार्वती की पूजा की जाती है।

होली पर गुजिया क्यों बनाई जाती है

हर घर में होली के मौके पर गुजिया बनाई और खाई जाती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि होली पर गुजिया बनाने की परंपरा क्यों है? इसके पीछे एक दिलचस्प पौराणिक कथा और ऐतिहासिक महत्व छिपा हुआ है। तो आइए जानते हैं कि होली पर गुजिया क्यों बनाई जाती है और इसके पीछे की कहानियां क्या हैं।

प्राण त्यागने से पहले भीष्म ने क्या कहा था?

सनातन धर्म में भीष्म अष्टमी का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। यह महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनेक शिक्षाएं निहित हैं। महाप्रतापी योद्धा भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था, जिसके कारण वे अपनी इच्छा से प्राण त्याग सकते थे।

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