तू ले मईया का नाम, तेरे पुरण होंगे काम: भजन (Tu Le Maiya Ka Naam Tere Puran Honge Kaam)

जब संकट कोई आए,

तू ले मैया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम,

जब व्याकुल मन घबराए,

तू ले मईया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम ॥


चलते चलते राह में भटके,

काम कोई जब तेरा अटके,

हर दुःख का यही उपाय,

हर दुःख का यही उपाय,

तू ले मईया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम ॥


कठिनाई जब कोई आए,

संगी साथी काम ना आए,

जब राह कोई ना पाए,

जब राह कोई ना पाए,

तू ले मईया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम ॥


जय माता की जपता जो माला,

झूम रहा वो हर मतवाला,

‘अंकुश’ भी अब तो गाये,

‘अंकुश’ भी अब तो गाये,

तू ले मईया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम ॥


जब संकट कोई आए,

तू ले मईया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम,

जब व्याकुल मन घबराए,

तू ले मैया का नाम,

तेरे पुरण होंगे काम ॥

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गणेश जयंती के उपाय

प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जयंती मनाई जाती है। इसे विनायक जयंती अथवा वरद जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

सियारानी का अचल सुहाग रहे - भजन (Bhajan: Siyarani Ka Achal Suhag Rahe)

मेरे मिथिला देश में, आओ दूल्हा भेष ।
ताते यही उपासना, चाहिए हमें हमेशा ॥

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा(Mhara Ujjain Ka Maharaja Ne Khamma Re Khamma)

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ (Mere Gannayak Tum Aa Jao)

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,
मैं तो कबसे बाट निहार रही,

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