छठ पूजा ध्यान मंत्र (Chhath Puja Dhyan Mantra)

षष्ठांशां प्रकृते: शुद्धां सुप्रतिष्ठाण्च सुव्रताम्।

सुपुत्रदां च शुभदां दयारूपां जगत्प्रसूम्।।

श्वेतचम्पकवर्णाभां रत्नभूषणभूषिताम्।

पवित्ररुपां परमां देवसेनां परां भजे।।


........................................................................................................
भोले तेरी लीला अनोखी (Bhole Teri Leela Anokhi)

भोले तेरी लीला अनोखी,
शंकर तेरी लीला अनोखी,

श्री राम, जय राम, जय जय राम: राम धुन (Shri Ram Jay Ram Jay Jay Ram Dhun)

श्री राम, जय राम, जय जय राम
श्री राम, जय राम, जय जय राम

ऊँचे ऊँचे पर्वत पे, शारदा माँ का डेरा है (Unche Unche Parvat Pe Sharda Maa Ka Dera Hai)

ऊँचे ऊँचे पर्वत पे,
शारदा माँ का डेरा है,

अम्बे अम्बे भवानी माँ जगदम्बे: भजन (Ambe Ambe Bhavani Maa Jagdambe)

अम्बे अम्बे माँ अम्बे अम्बे,
अम्बे अम्बे भवानी माँ जगदम्बे ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने