पहिले पहिल हम कईनी

पहिले पहिल हम कईनी,

छठी मईया व्रत तोहर,

छठी मईया व्रत तोहर।।

करिहा क्षमा छठी मईया,

भूल-चूक गलती हमार,

भूल-चूक गलती हमार।।

गोदी के बलकवा के दिहा,

छठी मईया ममता-दुलार,

छठी मईया ममता-दुलार।।

पिया के सनईहा बनईहा,

मैया दिहा सुख सार,

मैया दिहा सुख सार।।

नारियल केरवा घवदवा,

साजल नदिया किनार,

साजल नदिया किनार।।

सुनिहा अरज छठी मैया,

बढ़े कुल परिवार,

बढ़े कुल परिवार।।

घाट सजवली मनोहर,

मैया तोरा भगती अपार,

मैया तोरा भगती अपार।।

लिहि ए अरग हे मैया,

दिहीं आशीष हजार,

दिहीं आशीष हजार।।

पहिले पहिल हम कईनी,

छठीमैया बरत तोहर,

छठीमैया व्रत तोहर।।

करिहा क्षमा छठी मईया

भूल-चूक गलती हमार

भूल-चूक गलती हमार

भूल-चूक गलती हमार







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चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है भजन (Chalo Bulawa Aaya Hai Mata Ne Bulaya Hai Bhajan)

नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, नवरात्रे, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार दुर्गा तथा अष्टमी के शुभ अवसर पर गाये जाने वाला प्रसिद्ध व लोकप्रिय भजन।

रथ सप्तमी सर्वार्थसिद्धि योग

हिंदू धर्म में, रथ सप्तमी का पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है। इस साल रथ सप्तमी का पर्व 4 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा।

जय गणेश जय मेरें देवा (Jai Ganesh Jai Mere Deva)

वक्रतुण्ड महाकाय,
सूर्यकोटि समप्रभ,

माँगा है मैने मैया से, वरदान एक ही(Manga Hai Maine Maiya Se Vardaan Ek Hi)

माँगा है मैने मैया से,
वरदान एक ही,

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