गृह शांति पूजा विधि

Grah Shanti Puja Vidhi: घर में सुख समृद्धि लाने के लिए करें गृह शांति पूजा, जानें विधि, लाभ और महत्व 



हिंदू धर्म में एक परिवार के लिए उसका घर एक मंदिर की तरह होता है। ऐसे में वो नहीं चाहेगा, कि घर में किसी तरह की दिक्कत आए। इसी कारण से लोग घर के लिए गृह शांति पूजा करवाते हैं। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान  है, जिसे घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए किया जाता है।हिंदू धर्म में यह पूजा नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आवश्यक मानी जाती है। मान्यता है कि सही विधि से इस पूजा को करने से परिवार को जल्दी लाभ प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। चलिए गृह शांति पूजा के बारे में और विस्तार से जानते हैं।

गृह शांति पूजा की विधि 


  1. गृह शांति पूजा शुभ मुहूर्त में करना जरूरी होता है। इसलिए पूजा करने से पहले पंचाग देखे और शुभ मुहूर्त चुने।
  2. स्नान करने के बाद सबसे पहले भगवान गणपति का पूजन करें। ताकि सभी बाधाएँ समाप्त हों और पूजा निर्विघ्न रूप से पूर्ण हो।
  3. घर के मुख्य स्थान पर कलश स्थापित करें। इसे समृद्धि और शांति का प्रतीक होता        है। इसके बाद नवग्रहों की पूजा करें और उनके मंत्रों का जाप करें। इससे अशुभव प्रभाव खत्म होंगे।
  4. इसके बाद  घर में वास्तु दोष है, तो इसके निवारण के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान करें।  फिर घर के सभी कमरों में गंगाजल छिड़के। 
  5. इसके बाद घर में सुख शांति के लिए हवन करें। हवन में  गाय का घी, और जड़ी-बूटियाँ  अर्पित करें।
  6. अंत में शांति पाठ करते हुए अपने ईष्ठ देव के मंत्रों का जाप करें। फिर आरती करें।  पूजा समाप्त होने के बाद  भगवान को भोग लगाएं और ब्राह्माणों को भोजन कराएं।


गृह शांति पूजा का महत्व 


गृह शांति पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।  अगर घर में कोई अशुभ प्रभाव या वास्तु दोष हो, तो गृह शांति पूजा से इसे दूर किया जा सकता है।इसी कारण से यह पूजा विशेष रूप से  नए घर में प्रवेश के समय, गृह कलह समाप्त करने, आर्थिक परेशानियों को दूर करने, वास्तु दोष निवारण, और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए करवाई जाती है।


गृह शांति पूजा का लाभ 


गृह शांति पूजा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा आती है। पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसके अलावा वास्तु दोष और ग्रह दोष शांत होते हैं।पारिवारिक कलह समाप्त होती है और रिश्तों में मिठास आती है।


गृह शांति पूजा करने का सही समय


  • गृह प्रवेश के समय
  • दिवाली, नवरात्रि, अक्षय तृतीया और अन्य शुभ तिथियों पर
  • ग्रह दोष निवारण के लिए ज्योतिषाचार्य द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में
  • परिवार में किसी बड़े संकट या परेशानी के समय

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श्री शिव चालीसा

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान।।

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ओ शंकर भोले,
जपती मैं तुमको हरदम,

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