ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे (Ae Murliwale Mere Kanhaiya, Bina Tumhare )

ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं,

तुम्हारी यादों में प्राण प्यारे,

आंखों से आंसू छलक रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं ॥


मुझे है कितनी तुमसे मोहब्बत,

कभी जरा आजमा के देखो,

तुम्हारे कदमों में मर मिटेंगे,

तुम्हारे कदमों में मर मिटेंगे,

दिल में ये अरमां मचल रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं ॥


मुझे है चाहत बस एक तेरी,

ना छोड़ना तुम मुझे अकेला,

तुम मुझसे बस इतना सा कहदो,

तुम मुझसे बस इतना सा कहदो,

मिलने को तुमसे हम चल रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं ॥


हम तुमसे दामन फैलाके मांगे,

रहमत की अपनी तुम भीख दे दो,

‘चित्र विचित्र’ भी ऐ कमली वाले,

‘चित्र विचित्र’ भी ऐ कमली वाले,

तेरे कर्म पे ही पल रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं ॥


ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं,

तुम्हारी यादों में प्राण प्यारे,

आंखों से आंसू छलक रहे हैं,

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया,

बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं ॥

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है सहारा अब मुझे तो, राम सकल गुणधाम का (Hai Sahara Ab Mujhe To Ram Sakal Gundham Ka)

हो के नाचूं अब दिवाना,
मैं प्रभु श्रीराम का,

दर्श अमावस्या क्यों मनाई जाती है?

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अमावस्या पितरों की शांति और पूजा-पाठ के लिए समर्पित है।

कब है सकट चौथ

हिन्दू धर्म में सकट चौथ का एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना गया है। यह मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए करती हैं। इस दिन भगवान गणेश और माता पार्वती की पूजा की होती है।

मै तो लाई हूँ दाने अनार के (Main To Layi Hu Daane Anaar Ke)

मैं तो लाई हूँ दाने अनार के,
मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥

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