यशोमती नन्दन बृजबर नागर (Yashomati Nandan Brijwar Nagar)

यशोमती नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा,

गोपी परण धन मदन मनोहर,

कालिया दमन विधान ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


अमलहरी नाम अमिय विलासा,

विपिन पुरंदर नवीन नगरबर,

बंशी बदन सुबासा ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


बृजजन पालन असुर कुल नाशन,

नन्द गोधन रखवाला,

गोविन्द माधव नवनीत तस्कर,

सुन्दर नन्द गोपाला ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


जामुन तट चल गोपी बसन हर,

रास रसिक कृपामय,

श्री राधावल्लभ बृन्दावन नटवर,

भकती विनोदाश्रय ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


यशोमती नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा,

गोपी परण धन मदन मनोहर,

कालिया दमन विधान ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।


हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।

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राम दरबार है जग सारा (Ram Darbar Hai Jag Sara)

राम दरबार है जग सारा,
राम ही तीनो लोक के राजा,

फाल्गुन में क्या करें, क्या नहीं

माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन माह की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह हिंदू वर्ष का अंतिम महीना होता है। इसके उपरांत हिंदू नववर्ष शुरू होगा। फाल्गुन के महीने को फागुन का महीना भी कहा जाता है।

नवरात्री वृत कथा (Navratri Vrat Katha)

माँ दुर्गाकी नव शक्तियोंका दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणीका है। यहाँ श्ब्राश् शब्दका अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात् तपकी चारिणी-तपका आचरण करनेवाली। कहा भी है वेदस्तत्वं तपो ब्रह्म-वेद, तत्त्व और तप श्ब्राश् शब्दक अर्थ हैं।

शिव शंकर का गुणगान करो (Shiv Shankar Ka Gungaan Karo)

ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय

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