यशोदा माँ के होयो लाल, बधाई सारे भक्ता ने (Yasoda Ma Ke Hoyo Laal Badhai Saare Bhagta Ne)

यशोदा माँ के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने,

बधाई सारे भक्ता ने,

बाज्यो रे बाज्यो देखो थाल,

बधाई सारे भक्ता ने,

यशोदा मां के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने ॥


आज यो अँगणो धन्य हुयो है,

कृष्ण लला को जन्म हुयो है,

नाचो रे नाचो नौ नौ ताल,

बधाई सारे भक्ता ने,

यशोदा मां के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने ॥


खुशखबरी या सबने सुणावा,

झूमा रे नाचा मैं तो मौज मनावा,

गोपालो लियो अवतार,

बधाई सारे भक्ता ने,

यशोदा मां के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने ॥


महला में अंगणो अंगणा में पलणों,

पलणे में झूल रह्यो यशोदा को ललनो,

नजरा उतारा बारम्बार,

बधाई सारे भक्ता ने,

यशोदा मां के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने ॥


चालो जी चालो यशोदा माता के चाला,

बालक निरखस्या लुनराई वारा,

आवो सजावा पूजन थाल,

बधाई सारे भक्ता ने,

यशोदा मां के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने ॥


यशोदा माँ के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने,

बधाई सारे भक्ता ने,

बाज्यो रे बाज्यो देखो थाल,

बधाई सारे भक्ता ने,

यशोदा मां के होयो लाल,

बधाई सारे भक्ता ने ॥

........................................................................................................
कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार (Kumar Maine Dekhe, Sundar Sakhi Do Kumar)

कुमार मैने देखे,
सुंदर सखी दो कुमार ।

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी (Door Nagari Badi Door Nagri)

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी
कैसे आऊं मैं कन्हैया,

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई(Mere to Giridhar Gopal Dusro Na Koi)

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई

क्या है शनि प्रदोष व्रत

सनातन धर्म में भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना के लिए प्रदोष व्रत का काफ़ी खास माना गया है। प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने