कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार (Kumar Maine Dekhe, Sundar Sakhi Do Kumar)

कुमार मैने देखे,

सुंदर सखी दो कुमार ।

कुमार मैने देखे,

सुंदर सखी दो कुमार ।


हाथों में फूलों का दौना भी सोहे

सुंदर गले में सोहे हार,

कुमार मैने देखे ।

॥ कुमार मैने देखे, सुंदर...॥


सुंदर सलौने बांके रसीले

मोह लिए नर नारी,

कुमार मैने देखे ।

॥ कुमार मैने देखे, सुंदर...॥


मुनियों का यज्ञ इन्होंने रचाया

दीनो की सुनते पुकार,

कुमार मैने देखे ।

॥ कुमार मैने देखे, सुंदर...॥


भक्तों के जीवन, संतों के प्यारे

सब के हैं प्राण आधार,

कुमार मैने देखे ।

॥ कुमार मैने देखे, सुंदर...॥


करुणा के सागर, दशरथ के दुलारे

सब इनसे करते हैं प्यार,

कुमार मैने देखे ।

॥ कुमार मैने देखे, सुंदर...॥


पल भर में अपने, चरणों की रज से

नारी अहिल्या दी तार,

कुमार मैने देखे ।

॥ कुमार मैने देखे, सुंदर...॥


कुमार मैने देखे,

सुंदर सखी दो कुमार ।

कुमार मैने देखे,

सुंदर सखी दो कुमार ।


........................................................................................................
श्री बालाजी चालीसा (Shri Balaji Chalisa)

श्री गुरु चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान ।
बालाजी चालीसा लिखे “ओम” स्नेही कल्याण ।।

विनायक चतुर्थी कब है

विनायक चतुर्थी भगवान गणेश जी को समर्पित है। यह प्रत्येक महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही सभी दुखों का नाश होता है।

क्यों मनाते हैं गणेश जयंती

गणेश जयंती भगवान गणेश जी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार यह पर्व हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है।

हे मुरलीधर छलिया मोहन (Hey Muralidhar Chhaliya Mohan)

हे मुरलीधर छलिया मोहन,
हम भी तुमको दिल दे बैठे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने