नवीनतम लेख

बाबा मेहंदीपुर वाले, अंजनी सूत राम दुलारे (Baba Mehandipur Wale, Anjanisut Ram Dulare)

बाबा मेहंदीपुर वाले,

अंजनी सूत राम दुलारे,

करुणा का है ये भण्डार,

कर लो रे भक्तों दीदार,

लाल लंगोटे वाले,

बालाजी सोटे वाले,

करते हैं सबका बेड़ा पार,

कर लो रे भक्तों दीदार ॥


जग में बालाजी जैसा,

बलशाली वीर ना देखा,

दुष्टों से भक्तों की ये,

करते रक्षा है हमेशा,

इनकी चौखट पे आके,

बदले किस्मत की रेखा,

बिन मांगे ही दे देते,

यश कीर्ति रूपया पैसा,

निर्बल ने बल भर देते,

निर्धन के दुःख हर लेते,

करते हैं सबपे उपकार,

कर लो रे भक्तों दीदार,

कर लो रे भक्तों दीदार ॥


रघुवर पे जब दुःख छाया,

बजरंगी बने सहाई,

सीता की सुध ले आये,

रावण की लंका जलाई,

संजीवनी बूटी लाकर,

लक्ष्मण की जान बचाई,

असुरों को धुल चटाकर,

श्री राम को विजय दिलाई,

इनके ह्रदय में झांकी,

बस्ती है राम सिया की,

राम के हैं ये सेवादार,

कर लो रे भक्तों दीदार,

कर लो रे भक्तों दीदार ॥


जिनकी नैया के माझी,

बन जाते है बालाजी,

कोई भी तूफ़ान आंधी,

उसको डुबो ना पाती,

सबको ही मन को भाति,

इनकी सुन्दर कद काठी,

इनके पूजा बंधन से,

कटते बंधन चौरासी,

पूरी होगी सब इच्छा,

हनुमत करते है रक्षा,

‘राजेश’ होगा बेडा पार,

कर लो रे भक्तों दीदार,

कर लो रे भक्तों दीदार ॥


बाबा मेहंदीपुर वाले,

अंजनी सूत राम दुलारे,

करुणा का है ये भण्डार,

कर लो रे भक्तों दीदार,

लाल लंगोटे वाले,

बालाजी सोटे वाले,

करते हैं सबका बेड़ा पार,

कर लो रे भक्तों दीदार ॥


तिरुमला को क्यों कहा जाता है धरती का बैकुंठ

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में त‍िरुमाला की सातवीं पहाड़ी पर स्थित तिरुपति मंदिर विश्व का सबसे प्रसिद्ध है। यहां आने के बाद बैकुंठ जैसी अनुभूति होती है।

बालाजी के चरणों में ये काम कर दिया (Balaji Ke Charno Mein Ye Kaam Kar Diya)

बालाजी के चरणों में ये काम कर दिया,
एक दिल था वो भी इनके नाम कर दिया ॥

आ जाओ गजानन प्यारे (Aa Jao Gajanan Pyare)

ओ बाबा तेरे भक्त बुलाये,
आ जाओ गजानन प्यारे,

नई पुस्तक शुभारंभ पूजा विधि

नई पुस्तक का विमोचन किसी लेखक के लिए एक बेहद खास अवसर होता है। यह न केवल उसकी विद्या और ज्ञान का प्रतीक होता है, बल्कि उसकी मेहनत और समर्पण की भी पहचान होती है।