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बजरंगबली आओ, हनुमान चले आओ (Bajrangbali Aao Hanuman Chale Aao)

बजरंगबली आओ,

हनुमान चले आओ,

माँ अंजनी के प्यारे,

बालाजी आ जाओ ॥


महावीर तुम्हारे हम,

दर्शन अभिलाषी है,

तुम आकर भक्तो को,

प्रभु दरश दिखा जाओ ॥


श्री राम दुलारे हो,

करते हो दया सब पर,

मेरी नाव भवर में है,

मुझे पार लगा जाओ ॥


हमें संकट ने घेरा,

तुम बिन ना कोई मेरा,

बाबा संकट दूर करो,

किरपा बरसा जाओ ॥


श्री राम काज किये,

सबके दुःख हरते हो,

बालाजी मेरे भी,

कष्टों को मिटा जाओ ॥


हम तुम्हे मनाते है,

श्रद्धा से बुलाते है,

भक्तो की विनती पर,

दो ध्यान चले आओ ॥


तुम पर ही भरोसा है,

विश्वास तुम्हारा है,

हम दीनो के बाबा,

तुम भाग्य जगा जाओ ॥


बजरंगबली आओ,

हनुमान चले आओ,

माँ अंजनी के प्यारे,

बालाजी आ जाओ ॥

अम्बे रानी तेरो झूलना रे (Ambe Rani Tero Jhulna Re)

झूला झुलाये रहे वाह रे लंगूरवा।
झूला झुलाये रहे वाह रे लंगूरवा।

मेरे गणनायक तुम आ जाओ (Mere Gannayak Tum Aa Jao)

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,
मैं तो कबसे बाट निहार रही,

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प‌द्मा एकादशी (Aashaadh Shukla Paksh Ki Padma Ekaadashi)

युधिष्ठिर ने कहा-हे भगवन् ! आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम और क्या माहात्म्य है और उस दिन किस देवता की पूजा किस विधि से करनी चाहिए? कृपया यह बतलाइये।

प्रदोष व्रत की कथा

हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। पंचांग के मुताबिक साल 2025 का पहला प्रदोष व्रत 11 जनवरी को रखा जाएगा, इस दिन शनिवार होने के कारण यह शनि प्रदोष भी कहलाएगा।

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